शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। कांग्रेस के उदयपुर शिविर से दूरी रखने वाले गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है। हार्दिक बोले, पाटीदार नेता नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल हो जाएं तो उनकी नाराजगी दूर हो जाएगी। लेकिन पार्टी में शामिल होने की नरेश पटेल की शर्त पर कांग्रेस में असमंजस है। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों के साथ पाटीदार मतदाताओं को भी साधने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी का गुट लंबे समय से खोडलधाम के मुख्य ट्रसटी नरेश पटेल के साथ संपर्क में है तथा उनको कांग्रेस में लाने की भरसक कोशिश कर रहा है लेकिन कांग्रेस में अहम ओहदे को लेकर बात नहीं बन पाई है।

दरअसल गत विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने कांग्रेस के समक्ष उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार अथवा चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने की शर्त रखी थी। कांग्रेस इस पर राजी नहीं हुई और अंतत: वाघेला को कांग्रेस से बाहर जाना पड़ा। नरेश पटेल की नजर भी इन्हीं दो पदों पर है, लंबे समय से हार्दिक भी कांग्रेस में काम नहीं दिये जाने की शिकायत कर रहे हैं।

हो सकता है, हार्दिक अपने लिए चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष का पद व नरेश पटेल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनवाकर पाटीदार वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हों लेकिन कांग्रेस इस पर राजी नहीं है। गुजरात में कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक ओबीसी, आदिवासी है ऐसे में पार्टी पाटीदार मतबैंक को रिझाने के लिए इतना बडा दांव खेलने पर काफी असमंजस में है।

बहरहाल हार्दिक को लेकर गुजरात कांग्रेस अधिक गंभीर नजर नहीं आ रही है, उधर नरेश पटेल ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन से जुडे नेताओं के साथ खोडलधाम में बैठक कर बताया है कि राजनीति में आने का फैसला अब अगले सप्ताह ही करेंगे। पहले उन्होंने 1 मई को अपने पत्ते खोलने का ऐलान किया था।

Posted By: Navodit Saktawat

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