Health Alert: कोरोना महामारी एक बार फिर बेकाबू होती जा रही है। इस बीच, यूके में प्रकाशित एक अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। इस नए अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना के मरीज 10 दिन तक दूसरों में संक्रमण फैला सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो यह वायरस 10 दिन तक एक्टिव रहता है और सम्पर्क में आने पर दूसरे इन्सानों में फैल स सकता है। अध्ययन में सामने आई यह बात इसलिए चिंताजनक है क्योंकि कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रोन अपेक्षाकृत कम घातक है और इसके मरीज आमतौर पर 4-5 दिन में ठीक हो रहे हैं।

कोरोना को लेकर नया अध्ययन, जानिए क्या लिखा है रिपोर्ट में

एक्सेटर विश्वविद्यालय ने यह शोध किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि वायरस पहले से पुष्टि किए गए संक्रमण वाले लोगों में कितने दिन तक सक्रिय रहता है। इसमें पाया गया कि अध्ययन किए गए 176 लोगों में से 13% का स्तर इतना अधिक था कि 10 दिनों के बाद भी वे दूसरों को संक्रमित करने रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड सहित कई देशों में ऐसे संकेत मिले हैं। इंग्लैंड और अन्य देशों ने अपने यहां कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद आइसोलेशन का समय घटाकर 5 दिन कर दिया था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि दरफ्तों में कर्मचारियों की कमी होने लगी थी, लेकिन जब 5 दिन बाद संक्रमितों को बुलाया गया तो उनसे दूसरों के संक्रमित होने की आशंका पाई गई।

अध्ययन में अहम भूमिका निभाने वाले प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने कहा, यह अध्ययन उन चिंताओं को पुष्ट करता है कि सेल्फ-आइसोलेशन की अवधि को पांच दिनों तक कम करने से अत्यधिक संक्रामक लोगों के काम या स्कूल लौटने पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।

Posted By: Arvind Dubey