वाराणसी की जिला कोर्ट में आज फिर से ज्ञानवापी मामले में सुनवाई चल रही है। इसमें आज कार्बन डेटिंग पर बहस जारी है। दूसरी तरफ, ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग के आयु निर्धारण को (कार्बन डेटिंग) को लेकर मंदिर पक्ष में आपसी मतभेद हो गया है। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में राखी सिंह के अलावा अन्य चार वादिनियों की ओर से ज्ञानवापी परिसर में मिले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विशेषज्ञों के जरिए शिवलिंग के आयु निर्धारण की मांग की गई है। इस बाबत वाराणसी के जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है।

वादी संख्या एक राखी सिंह की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है। इस बाबत जिला जज की अदालत में मंगलवार को प्रार्थना पत्र दिया गया है। वादी संख्या दो से पांच मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक और सीता साहू की ओर से 22 सितंबर को प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल किया गया है।

वकील विष्णु शंकर जैन व सुधीर त्रिपाठी के माध्यम से दाखिल प्रार्थना पत्र में उन्होंने ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई के दौरान 16 मई को मिले शिवलिंग के आयु निर्धारण (कार्बन डेटिंग) की मांग की है। अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विशेषज्ञों के जरिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार और अन्य माध्यमों से शिवलिंग की जांच की जाए। ताकि उसकी आयु, धातू व विशेषता आदि का पता लगाया जा सके।

Posted By: Navodit Saktawat

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