तिरुवनंतपुरम/हैदराबाद। इन दिनों देश में भारी बारिश और बाढ़ से कईं राज्य त्राही-त्राही करते नजर आ रहे हैं। इनमें दक्षिण भारत के राज्य केरल, आंध्र प्रदेश भी शामिल हैं जहां बाढ़ के हालातों ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है। बाढ़ से केरल में अब तक 22 लोगों के मारे जाने की खबर है वहीं

इतना ही नहीं लोगों को अभी इस बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के अलावा तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

खासतौर पर केरल के 9 जिलों एर्नाकुलम, इडुक्की, वायनाड, त्रिशुर, पलक्कड़, मल्लापुरम, कोझिकोड आदि में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

एनडीआरएफ के अनुसार कईं टीमें फिलहाल राहत और बचाव कार्यों में लगी हैं। हमारे लिए मुख्य चिंता का विषय महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल हैं। सबसे ज्यादा टीमों को इन्हीं राज्यों में तैनात किया गया है।

केरल में हाल बेहाल, कोचीन एयरपोर्ट बंद, भूस्खलन में 6 की मौत

खराब मौसम और भारी बारिश की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य केरल है जहां बाढ़ के साथ ही भूस्खलन भी हो रहे हैं। राज्य के पुथुमाला और वायनाड में गुरुवार को हुए भूस्खलन की वजह से हालात बिगड़ गए। राहत और बचाव कार्य में लगी टीम ने अब तक यहां से 6 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं।

राज्य में लगातार बारिश से बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने जहां आज राज्य के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है वहीं कोचीन एयरपोर्ट पर 11 अगस्त तक सारे ऑपरेशन रद्द कर दिए गए हैं। राज्य डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम ने कुल 22,165 लोगों को सुरक्षित निकाल कर 315 राहत कैंपों में पहुंचाया है।

आंध्र प्रदेश की बात करें तो यहां के कलिंगपट्टनम बीच पर रात में समुद्र का जलस्तर बढ़ जाने की वजह से बीच पर लगी जानवरों की मूर्तियां बह गईं।

कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और गुजरात में बाढ़ से पैदा हालात की समीक्षा की और इन राज्यों को तत्काल हर संभव सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया।

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिन में गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक इन पूर्वानुमानों के आधार पर राहत और बचाव कार्य के इंतजाम किए जा रहे हैं।