नई दिल्ली। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी हिमपात ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त करके रख दिया है। कश्मीर का शेष देश व दुनिया से सड़क, रेल और हवाई संपर्क कट गया। बिजली गायब और संचार सेवाएं ठप हो गईं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जगह-जगह सैकड़ों वाहन फंस गए। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ। तीन लोगों की जान चली गई व कई जख्मी हुए।

पिछले दस साल में कश्मीर में जनवरी महीने में पहली बार ऐसा हिमपात हुआ है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उत्तराखंड में दो विदेशी समेत दस पर्यटक फंस गए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में लगातार दूसरे दिन बारिश होने से ठंड में और इजाफा हो गया। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में नौ लोगों की मौत हो गई। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज रुखा ही बना रहेगा।

देवभूमि उत्तराखंड में तेज बर्फीली हवाओं ने जीना दुश्र्वार कर रखा है। बर्फबारी के कारण टिहरी में पिछले पांच दिन से बंद चंबा-मसूरी अभी तक नहीं खुल पाया है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री समेत चोटियों में बर्फबारी और निचले हिस्सों में बारिश का क्रम बुधवार को भी जारी रहा। तापमान में करीब चार डिग्री तक की गिरावट आई।

चमोली के अंतर्गत औली सुनील इलाके में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। इसके चलते औली में 10 पर्यटक फंस गए हैं। इनमें बेल्जियम निवासी नीलेश व पार्थे भी शामिल हैं। रिश्तेदारों के साथ घूमने आए दिल्ली निवासी नितिन कुमार भी फंसे हुए हैं।

बारिश व बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। खराब मौसम की मार सबसे ज्यादा जनजातीय जिलों में ज्यादा पड़ रही है। यहां लोग पहले ही कड़ाके की ठंड से जूझ रहे हैं और अब ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर हिमखंड गिरने का खतरा बढ़ गया है।

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। ऊपरी शिमला सहित किन्नौर, चंबा, लाहुल स्पीति और कांगड़ा की धौलाधार पर्वत श्रृंखला में दिनभर बर्फबारी जारी रही। लाहुल स्पीति के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की चार उड़ानें भी नहीं हो सकीं।

लाहुल घाटी की सभी सड़कें यातायात की आवाजाही के लिए बंद हैं। रोहतांग दर्रे पर अब तक 10 फुट से अधिक बर्फ रिकॉर्ड की जा चुकी है। इसके अलावा केलंग में छह इंच, कोकसर में एक फुट, उदयपुर में आठ इंच, काजा में 10 इंच और रोहतांग में डेढ़ फुट ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।

जम्मू के ऊधमपुर में बारिश से कच्चे मकान की दीवार ढहने से मां-बेटे की मौत हो गई। ठंड से भी एक की जान चली गई। दक्षिण कश्मीर में हिमपात के दौरान तीन मकान क्षतिग्रस्त होने से दो बच्चों समेत तीन लोग जख्मी हो गए। आठ परिवारों को हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया।

माता वैष्णो देवी के त्रिकुटा पर्वत समेत जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में भी भारी हिमपात हुआ, जबकि कठुआ, ऊधमपुर और राजौरी जिले में भारी बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया। बनी-बसोहली मार्ग भूस्खलन से बंद हो गया है।

श्रीनगर में दस इंच बर्फ रिकॉर्ड की गई है, जबकि जवाहर सुरंग पर सुबह आठ बजे से शाम तक करीब साढ़े चार फुट हिमपात हुआ। गुलमर्ग में तीन फुट और पहलगाम में ढाई फुट बर्फ गिरी। वादी में अन्य जगहों पर एक फुट से तीन फुट तक बर्फ रिकॉर्ड की गई। आइजी ट्रैफिक मुनीर अहमद खान ने बताया कि बनिहाल से लेकर पत्नीटाप के बीच कई जगह भूस्खलन ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाया है।

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