Home loan: खुद के घर का सपना हर व्यक्ति का होता है। हर इंसान चाहता है कि उसके सर के ऊपर खुद की छत हो और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह रात-दिन मेहनत तो करता है लेकिन इस महंगाई भरे दौर में खुद के घर का सपना साकार कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। अगर आप भी कुछ ऐसा ही सपना देख रहे हैं लेकिन बढ़ती महंगाई आपके इस सपने को साकार करने में बाधा बनी हुई है तो ज्यादा सोचिए नहीं चले आईए Bank of Baroda।

जी हां Bank of Baroda ने अपने ग्राहकों के लिए सस्ते होम लोन की व्यवस्था की है, जिसका फायदा आप भी लेकर अपने घर के सपने को साकार कर सकते हैं। आरबीआई ने भले ही अपनी क्रेडिट पाॅलिसी में लगातार 6 बार ब्याज दरों में परिवर्तन किया हो लेकिन भारत की सरकारी बैंको ने अपने ग्राहकों के लिए सस्ते लोन की पेशकश की है इसमें से एक है Bank of Baroda। दरअसल बैंक ने लोन में कटौती का ऐलान किया है। इसने मार्जिनल काॅस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट में 0.05 परसेंट की कटौती की है।

Bank of Baroda ब्याज दर में की कटौती

अपने लाखों ग्राहकों के लिए और ग्राहकों में इजाफा करने के लिए Bank of Baroda ने लोन दरों की ये कटौती 12 जून 2021 से लागू करने का फैसला किया है। बतादें कि इस कटौती के बाद से अब Bank of Baroda का 1 साल का एमसीएलआर 7.35 प्रतिशत हो जाएगा। इतना ही नहीं 6 माह और 3 माह की अवधि के लिए भी एमसीएलआर को 0.05 परसेंट कम करके 7.20 परसेंट और 7.10 परसेंट कर दिया गया है।

पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक भी कटौती में पीछे नहीं

Bank of Baroda से पहले ही पीएनबी और केनरा बैंक ने भी एमसीएलआर दरों में कटौती की थी। पंजाब नेशनल बैंक ने एमसीएलआर में जहां 0.05 प्रतिशत की कटौती करके इसे 7.30 प्रतिशत कर दिया था। बतादें कि पीएनबी की ये नई दरें 1 जून 2021 से लागू हो चुकी हैं। 3 माह और 6 माह की अवधि के लिए पीएनबी ने एमसीएलआर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की थी। इसके बाद इन अवधियों के लिए ब्याज दरें 7 प्रतिशत और 6.80 प्रतिशत हो गई हैं।

जानकारी के लिए आपको बतादें कि बैंक ब्याज दर को तय करने के लिए प्राइम लेडिंग रेट का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद फिर बेस रेट आया फिर 1 अप्रैल 2016 में मार्जिनल काॅस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट को लागू किया गया इसे लेकर यह भी माना जाने लगा कि यह सभी ग्राहकों को राहत देने मे कामयाब होगा लेकिन ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं हुआ तब आरबीआई ने एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड लेंडिंग रेट को लागू किया। आरबीआई के कहने पर कई बैंकों ने अपने होम लोन को रेपो रेट से जोड़ा है। ऐसा करने से जो ग्राहक लोन लेते हैं उन्हे उस दौरान फायदा होता है जब रेपो रेट की दरों में कमी आती है वहीं रेपो रेट बढ़ने पर उन्हें नुकसान का भी सामना करना पड़ता है। आपको बतादें कि रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags