कैथल/भिवानी/रोहतक। बुधवार को हरियाणा की अलग-अलग चुनावी रैलियों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राफेल के मुद्दे पर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, "कांग्रेस को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विजयादशमी के मौके पर राफेल की पूजा करना रास नहीं आ रहा। कांग्रेस को सिर्फ विरोध करना आता है, फिर चाहें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना हो या फिर ट्रिपल तलाक बिल का मामला। मैं पूछता हूं राहुल गांधी से उन्होंने राज्य के लिए क्या किया है? मैं राहुल गांधी से पूछता हूं कि वो अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कर रहे हैं। उन्हें ये साफ करना चाहिए कि वो जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के पक्ष में हैं या विरोध में।"

उन्होंने कहा कि 35-A और अनुच्छेद 370 की वजह से लोगों में ऐसी भावना थी कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारतीय संघ में शामिल नहीं था। इसे हटाना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। ये देश की सुरक्षा से जुड़ा मसला था। लेकिन कांग्रेस ने इसके खिलाफ वोटिंग की।

केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि वो वही बात बोलते थे, जो उन्हें मैडम( सोनिया गांधी) की तरफ से लिखकर दी जाती थी। वहीं रोहतक की रैली में भी अमित शाह का यही तल्ख अंदाज देखने को मिला। उन्होंने कहा कि, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर हर किसी को पार्टी लाइन से उठकर साथ आना चाहिए। 1971 के युद्ध में जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज की थी। तब अटलजी ही पहले शख्स थे, जिसने इंदिरा गांधी को संसद में बधाई दी थी। लेकिन आज राहुल गांधी कहते हैं कि मोदी जी खून की दलाली करते हैं। ये वाकई शर्मनाक है।

अमित शाह ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में मंगलवार को राफेल का 'शस्‍त्र पूजन' किया था। कांग्रेस को यह रास नहीं आया। मैं पूछता हूं कि क्या विजयादशमी पर 'शस्‍त्र पूजन' नहीं किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि "कांग्रेस को बस हर बात का विरोध करना आता है। उन्‍होंने कहा कि राफेल का सेना में शामिल होना कांग्रेस को बुरा लगा रहा है। अमित शाह भिवानी की रैली में भी राहुल गांधी पर बरसे। उन्होंने कहा कि, हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और राहुल गांधी छुट्टियां मनाने चले गए हैं।"