केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि कर दी है। अब बीएसएफ को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी भीतर तक तलाशी, गिरफ्तारी करने और जब्ती करने के शक्तियां दी गई हैं। यह व्यवस्था भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लागू होगी।इससे बीएसएफ को 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है। हालांकि इस आदेश पंजाब में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आमने-सामने आ गए हैं।

सीएम चरनजीत ने किया विरोध

पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं केंद्र सरकार के इस एकपक्षीय फैसले का विरोध करता हूं। जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के 50 किलोमीटर अंदर तक बीएसएफ को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। मैं गृह मंत्री अमित शाह से अतार्किक फैसले को तुरंक वापस लेने की अपील करता हूं।

कैप्टन अमरिंदर ने किया सपोर्ट

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने इस फैसला का सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ को राजनीति का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। कहा कि हमारे जवान कश्मीर में शहीद हो रहे हैं। हम देख रहे हैं कि आतंकी संगठन प्रदेश में हथियार और ड्रग्स भेज रहे हैं। बीएसएफ की बढ़ी हुई मौजूदगी और ताकत हमें मजबूती देगी।

पंजाब के 12 जिले होंगे प्रभावित

बता दें बीएसएफ का दायरा बढ़ाने से पंजाब के 12 जिले प्रभावित होंगे। 6 जिलों की 553 किमी सीमा पाकिस्तान से लगती है। प्रदेश के कुल 50,362 वर्ग किमी क्षेत्रफल में से करीब 27,600 वर्ग किमी क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल के दायरे में आएगा।

Posted By: Sandeep Chourey