शत्रुघ्न शर्मा, गोधरा, गुजरात। गोधरा कांड के चलते दो दशक पहले गुजरात की राजनीति का केंद्र रहा गोधरा काफी बदल गया है, हिंदू, मुस्लिम, दलित व आदिवासी की पहचान से ऊपर उठकर अब वह विकास की मुख्यधारा से जुडकर बेहतर नागरिक सुविधाओं, बच्चों के कैरियर, बुनियादी समस्याओं को हल करना चाहता है। कस्बे में प्रवेश करते ही जब साफ सुथरा बस स्टेंड नजर आता हो, चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस यातायात का प्रबंधन करते नजर आए और नगर पालिका में प्रोपर्टी टैक्स भरने को कतार में खडे लोग कस्बे के बदलाव की तस्वीर खुद बयां करते हैं।

पंचमहाल जिले का गोधरा का इतिहास ईसवी सन् 348 से 385 से जुड़ा है, यहां हिंदू व मुस्लिम आबादी का एक अनुपात शुरु से देखा जा सकता है। इसी इलाके में 7वीं सदी में चांपानेर जैसी विश्व प्रसिद्ध इमारतों का निर्माण हुआ,ये अब विश्व धरोहर है। गोधरा, दाहोद, हालोल,कलोल व झालोद में महल बने होने के कारण इनसे मिलकर बने जिले का नाम ग्वालियर के महाराजा सिंधिया ने पंचमहाल रखा। अलाउद्दीन खिलजी, महमूद बेगडा से होते हुए यहां का राज चौहान वंश के हाथ में आया।

27 फरवरी 2002 को कस्बे के सिग्नल फलिया नामक जगह पर साबरमती ट्रेन के एस-6 कोच को दंगाईयों ने आग के हवाले कर दिया था जिसमें 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी, इसके बाद गोधरा ना केवल गुजरात बल्कि देश में ध्रूवीकरण की राजनीति की पहचान बन गया। इससे पहले 1947-48 में सिंध से आए सिंधियों के साथ मुस्लिमों का झगडा हो गया था तब भी यह शहर दंगों की तपिश से जला था। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई आजादी के बाद इस शहर के कलक्टर रह चुके हैं, दंगों से ऊपर उठकर अब यह शहर विकास की चाह रखता है। 2007, 2012 में सी के राउलजी कांग्रेस से विधायक बने तथा बाद में भाजपा में शामिल होकर 2017 में भाजपा से विधायक बने। राउलजी एक बार फिर मैदान में हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ रश्मिता बेन चौहान को उतारा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, गुजरात के विवादित सुपरकॉप डी जी वंजारा की प्रजा विजय पक्ष तथा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी प्रत्याशी खडे किये हैं जिसके चलते मुकाबला रोचक हो गया है। नगरपालिका चुनाव में एआईएमआईएम ने खाता खोल लिया लेकिन अपने बूते पालिका में बोर्ड नहीं बना सकी। गोधरा में प्रवेश करते हुए एक आलीशाान पेट्रोल पंप पर प्रजा विजय पक्ष के उम्मीदवार नटवरसिंह राठौड से मुलाकात हुई, पूर्व आईपीएस वंजारा के सहयोगी रहे पूर्व पुलिस निरीक्षक नटवर पुलिस विभाग के बाद अब राजनीति में भी वंजारा के साथ खडे हैं। वंजारा गुजरात में सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड समेत अन्य कई प्रकरणों को लेकर चर्चा में रहे हैं।

इफ्तिखार खान नगर पालिका में प्रोपर्टी टैक्स भरने के लिए खडे हैं और बताते हैं कि विकास चाहिए तो जनता को भी अपना नागरिक हक अदा करना पडेगा, वो दो टूक भाजपा को वोट देने की बात करते हैं और उसका कारण है विकास के काम। उनका यह मानना है कि अन्य नेता व दल काम करने में सक्षम नहीं है। अजय जैन एक शॉपकीपर हैं और उनका मानना हैकि शहर अब विकास चाहता है और उसके कारण लोग सत्ताधारी दल भाजपा को ही वोट देंगे। ईशाक हुसैन ऑटो चलाते हैं, ऑटो के कांच पर कमल के फूल का चिन्ह लगा रखा है और खुलकर कहते हैं कि वो भाजपा के साथ हैं, चूंकि वो अच्छा काम कर रहे हैं।

शाहिद अहमद दरगाही ने बिल्किस बानु के साथ गेंगरेप के दोषियों की रिहाई को न्याय के साथ मजाक बताते हुए कहा कि गोधरा के पश्चिम में 70 हजार से अधिक मुस्लिम आबादी है और प्रशासन इस इलाके की उपेक्षा करता है। 2002 में समीर की उम्र करीब 6 साल थी वह इसी इलाके में रहता है तथा उसका भी यही कहना है हम लोग विकास के साथ हैं लेकिन विकास बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए। कासिम का कहना है कि उनके इलाके में भाजपा विधायक बधाई कार्ड व स्टीकर बांटकर ईद के मौके पर भाईचारा दिखाने आते हैं बस। जिला पंचायत पर खडे साहिल नामक युवक से पूछने पर वह कहता है कि युवा इस बार केजरीवाल के साथ हैं और आप को वोट करेंगे। भाजपा व कांग्रेस के बाद मतदाताओं में आप के चुनावी वादों की भी चर्चा है।

फोटो केपशन : पूर्व सुपर कॉप डी जी वंजारा की पार्टी प्रजा विजय पक्ष के उम्मीदवार नटवरसिंह राठौड प्रचार के बाद गोधरा के पेट्रोल पंप पर

फोटो जागरण

Posted By: Navodit Saktawat

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