मल्टीमीडिया डेस्क। कृत्रिम रूप से यानी केमिकल से पकाए जा रहे फलों से बचना इस जमाने में बेहद मुश्किल है। बचा जा सकता है तो इससे होने वाले रिएक्शन से। जब पाला पड़े फलों से हुए रिएक्शन से तो ये होना चाहिए आपकी तैयारी...

राजधानी दिल्ली के धर्मशीला नारायण हॉस्पिटल में डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अंशुमान कुमार से खासचीत

सवाल: कैसे पता करें कि कोई फल कृत्रिम तरीके से पकाया गया है?

जवाब: आप स्वयं बगीचे में जाएं और कच्चे फल तोड़कर उन्हें घरेलू तरीके से घर में पकाएं, तो बात अलग है। ऐसा नहीं कर सकते हैं तो मान कर चलें कि बाजार में मिल रहे 90 फीसदी फल केमिकल से पके ही हैं। आम इन्सान कभी नहीं पता नहीं कर पाएगा कि फल कैसे पकाया गया है।

सवाल: सेहत के लिए कितने घातक हैं केमिकल से पके ये फल?

जवाब: केमिकल से पके फल ही नहीं, सब्जियां भी सेहत के लिए बहुत घातक हैं। कैल्शियम कार्बाइड के अलावा चीन से लाकर इथाफेनॉल केमिकल धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। सामान्यतौर पर इनसे एलर्जी और पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं। लंबे समय तक सेवन किया जाए तो कैंसर और किडनी फेल हो सकती है। कई तरह की दिमागी बीमारियां भी हो सकती हैं। समय पर इलाज न मिले तो व्यक्ति कोमा में चला जाता है।

सवाल: ...तो क्या सावधानी बरती जाए?

जवाब: बहुत छोटी-छोटी, लेकिन अहम बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। बाजार से फल लाएं तो बच्चों को तुरंत न छूने दें। फलों को आधा घंटा पानी में डूबो कर रखें। इससे कुछ केमिकल धूल जाएंगे। इसके बाद फल के छिलका निकाल दें। जिस चाकू से छिलका निकाला है, फल को उससे न काटें। दूसरा चाकू इस्तेमाल करें। पहले चाकू को धोए बगैर उपयोग न करें।

सवाल: क्या छिलके समेत फल खाने की आदत छोड़ना होगी?

जवाब: जी हां। अधिकांश लोगों को छिलके समेत आम चूसने की आदत है। अब इस आदत को छोड़ना होगा। सेब भी मोम से पकाए जाते हैं। इन्हें खाने से पहले छिलका उतार दें। सब्जियों को लेकर भी ऐसा ही है। जहां तक हो सब्जियों का भी छिलका निकालने के बाद ही उन्हें पकाएं। सब्जियों को काटने से पहले उन्हें नमक मिले गुनगुना पानी में डालने से भी केमिकल हट जाएंगे।

सवाल: केमिकल शरीर में चला गया है तो क्या करना चाहिए?

जवाब: फल खाने के बाद गले में खराश हो रही है तो समझें कि वह केमिकल से पका था। हाथ पर खुजली हो रही है तो तुरंत पानी से धोएं। अगर केमिकल वाला हाथ आंख में लग गया है तो जलन होगी। आंखें ज्यादा लाल हो गई हैं और जलन कम नहीं हो रही हैं तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। केमिकल गले तक पहुंच गया है और गला बैठा जा रहा है तो गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। ठीक न हो तो डॉक्टर को दिखाएं।

हाई कोर्ट ने बताया था, आतंकियों से भी खतरनाक

केमिकल से फलों को पकाने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है। ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए अगस्त 2015 में हैदराबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि अपने मुनाफे के लिए फलों को केमिकल से पकाने वाले लोग आतंकियों से भी खतरनाक हैं। जजों ने यह टिप्पणी की थी कि अब तक हम बच्चों को फास्ट फूड से दूर रहने को कहते थे, अब कहना पड़ रहा है कि फल भी मत खाओ।

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