चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जाट आंदोलन के दौरान हरियाणा में हुए जान-माल के नुकसान पर मंगलवार को भावुक हो गए। आंदोलन भड़काने के आरोपों से आहत हुड्डा ने कहा कि वे कोई भी अग्निपरीक्षा देने को तैयार हैं।

साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला भी बोला। कहा, भाजपा में यदि जरा भी नैतिकता है और वह देश के सामने इन दंगों की सच्चाई सामने लाना चाहती है तो सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करानी चाहिए। उनके सामने इस समय प्रदेश में भाईचारा कायम करने की प्राथमिकता है।

जाट आरक्षण आंदोलन के बाद चंडीगढ़ में एक दर्जन विधायकों व पूर्व विधायकों के साथ पहली बार मीडिया से रूबरू हुए हुड्डा ने अपने पूर्व राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र को भी कानून के सामने आने की सलाह दी। साथ ही कहा कि भाजपा को अपने सांसदों, मंत्रियों व विधायकों की सामने आई वीडियो-ऑडियो क्लिपिंग की भी जांच करानी चाहिए।

दंगा भड़काने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने चाहिए। भले ही वह किसी भी पार्टी का है। हुड्डा ने कहा कि हम न्यायिक जांच की मांग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि विफल सरकार अपनी विफलता की जांच नहीं कर सकती। भाजपा सरकार नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए।

आंदोलन तो नेतृत्वहीन था ही बल्कि सरकार भी नेतृत्वहीन व दिशाहीन थी। हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई द्वारा प्रो. वीरेंद्र के गोवा स्थित हुड्डा के फार्महाऊस में छिपे होने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कुलदीप उनके साथ गोवा चलें और दिखाएं कि उनका कोई फार्महाउस है। अन्यथा मुझे कोई फार्महाउस या फ्लैट खरीदकर दिलवा दें।

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