नई दिल्ली। तीन बार तलाक कहने की प्रथा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाली मुस्लिम महिला शायरा बानो का कहना है कि उन्‍हें इस रीति के खिलाफ कोर्ट जाने को मजबूर होना पड़ा। उसने खुलासा किया है कि उसके पति ने छह बार उसका अबॉर्शन कराया।

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में शायरा ने कहा कि उसका पति खुद गर्भनिरोधक गोलियां देता था। इस कारण उसकी हालत बिगड़ गई। शायरा एक बेटे और एक बेटी की मां है। दोनों बच्‍चे पिता के पास रहते हैं। उनका कहना है कि वह अपने बच्‍चों के साथ रहना चाहती है।

शायरा को उसके पति रिजवान अहमद ने अक्‍टूबर में तलाक दे दिया था। इसके बाद बानो ने मौखिक रूप से तलाक देने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने बानो की मौखिक तलाक या तीन बार तलाक कहने को असंवैधानिक घोषित करने की अर्जी स्‍वीकार कर ली थी। शायरा का कहना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब भारत में मौखिक तलाक बैन हो जाएगा। जब ऐसा होगा तो लाखों महिलाओं को क्रूरता से आजादी मिल जाएगी।

इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शायरा की अर्जी के खिलाफ है और मौखिक तलाक के पक्ष में हैं। उसका कहना है कि मौखिक तलाक को असंवैधानिक करार देना उनके मामलों में हस्‍तक्षेप होगा। बोर्ड के बयान के खिलाफ कई मुस्लिम महिला कार्यकर्ता और कानूनी जानकार उतर आए हैं। उनका कहना है कि बोर्ड संविधान भावनाओं के खिलाफ है और मध्‍यकाल की रीतियों को आगे बढ़ा रहा है। भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भंग करने की मांग की है। उनका कहना है कई मुसलमान इसके फैसलों के खिलाफ है।

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