Hyderabad News: कैब एग्रीगेटर कंपनियों ओला और उबर द्वारा ओवरचार्जिंग के मामले लगातार बढ़ रहे है। ऐसी ही एक घटना पर हैदराबाद की उपभोक्ता अदालत ने संज्ञान लिया। वहीं ओला कैब्स को ग्राहक से अधिक शुल्क लेने और सेवा में कमी के लिए 95 हजार रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता जाबेज सैमुअल ने हैदराबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से ओला कैब्स से मुआवजे की मांग की। उसने आरोप लगाया कि यात्रा के लिए 861 रुपए का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया, जबकि ड्राइवर ने उसे बीच में ही छोड़ दिया था।

861 रुपए का बिल थमाया

अपनी शिकायत में जाबेज सैमुअल ने कहा कि 19 अक्टूबर 2021 को चार घंटे के लिए कैब बुक की थी। उन्होंने कैब को गंदा पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने एसी चालू करने से भी इनकार कर दिया, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। करीब 4-5 किमी की दूरी तय करने के बाद ड्राइवर ने उन्हें गाड़ी से नीचे उतार दिया। सैमुअल ने कहा, 'उन्हें वैकल्पिक साधन की व्यवस्था करनी पड़ी और कुछ निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़ना पड़ा। अधूरी यात्रा के लिए ड्राइवर ने 861 रुपए बिल के तौर पर लिए।' उन्हें ड्राइवर को भुगतान नहीं करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने ओला मनी कैश क्रेडिट सेवा का लाभ उठाया था।

शिकायत पर नहीं हुआ समाधान

जाबेज सैमुअल ने कहा कि उन्होंने ईमेल के माध्यम से शिकायत की। जिसके बाद कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव का कॉल आया, जो उच्च अधिकारी को स्थानांतरित करने में विफल रहा है। सैमुअल ने कहा कि ओला के अधिकारियों ने बार-बार फोन करके बिल का भुगतान करने को कहा। उन्होंने जनवरी 2022 में बिल का भुगतान किया, लेकिन न्याय पाने के लिए उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया।

मुआवजा देने का आदेश

आयोग ने ओला को 88 हजार रुपए का मुआवजा और सुनवाई की लागत के रूप में 7 हजार रुपए का भुगतान करने के लिए कहा। आयोग ने अनुपालन के लिए 45 दिन का समय निर्धारित किया है। यदि कंपनी आदेश का पालन करने में विफल रहती है, तो वह ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगी। ओला कंपनी को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह 861 रुपए की रकम, यात्रा की तारीख से वसूली तक 12 फीसदी सालना की दर से ब्याज के साथ लौटाए।

Posted By: Arvind Dubey

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