हैदराबाद। Hyderabad Encounter: तेलंगाना के हैदराबाद में 25 वर्षीय पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी जलाकर हत्या करने के चारों आरोपित शुक्रवार तड़के पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए। मामले में पुलिस की प्रशंसा तो हो रही है साथ ही बिना न्यायालयीन कार्रवाई के सजा पर एक वर्ग ने चिंता भी जताई है। आइये आपको बताते हैं पूरे दिन क्‍या घटनाक्रम रहा।

- पुलिस ने बताया कि सीन रीकंस्ट्रक्शन के लिए जब आरोपितों को ले जाया गया था तब यह मुठभेड़ हुई। आरोपितों ने पुलिस के हथियार छीने पत्थरों से हमला किया

-पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपितों के साथ शुक्रवार सुबह 5.45 से 6.15 के बीच चली मुठभेड़

-मुठभेड़ में 2 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है

आरोपितों को 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें कोर्ट ने सात दिन की पुलिस हिरासत में दिया था।

- उनके गुनाह कबूल करने के आधार पर ही पुलिस पीड़िता के मोबाइल फोन और अन्य वस्तुओं की बरामदगी के लिए उन्हें वारदात स्थल पर ले गई थी। साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने मुठभेड़ वाली जगह से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

- एक आरोपित मोहम्मद आरिफ ने पुलिस का हथियार छीनकर पुलिस पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। चारों ने भागने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस को बचाव में गोली चलानी पड़ी।

- मौजूद अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी भी दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

- चारों आरोपितों ने डंडे और पत्थर से पुलिस पर हमला किया और भागने की कोशिश की। दो अधिकारियों से हथियार छीनकर पुलिस पर गोली चलाई। घटना 5.45 से 6.15 के बीच हुई।

- पुलिस ने उन्हें सरेंडर के लिए कई बार कहा, लेकिन वह पुलिस पर ही हमला कर रहे थे। ऐसी हालत में हमारे कर्मियों को गोली चलानी पड़ी। इसमें चारों मारे गए।

- मृत आरोपितों के शव जब्त कर स्थानीय अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजे गए हैं। हमारे एक उप निरीक्षक और एक कांस्टेबल घायल हुए हैं। इन्हें सिर में चोट है। जिनमें से एक की स्थिति गंभीर है।

- सजनार ने कहा कि हम आसपास के राज्यों से भी जानकारी ले रहे हैं कि उन आरोपितों पर क्या पहले भी कोई केस रहा है।

मानवाधिकार संगठनों का जवाब देने के लिए तैयार

पुलिस ने मुठभेड़ पर उठ रहे सवालों पर कहा कि हम एनएचआरसी, राज्य सरकार या किसी भी अन्य संगठन के जो भी सवाल हैं उनका जवाब देने के लिए तैयार हैं।

पीड़िता का फोन घटनास्थल से बरामद

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से ही पीड़िता का फोन भी बरामद किया गया। मुठभेड़ के बाद की एक तस्वीर भी जारी की गई है। इसमें एक आराोपित के हाथ में पिस्टल दिख रही है।

पिता और बहन ने दिया धन्यवाद

पीड़िता के पिता और बहन ने कहा कि दरिंदों के मारे जाने की खबर से वे खुश हैं और उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह अन्य अपराधियों के लिए सबक होगा। बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने स्थिति को देखते हुए मुठभेड़ को सही और समय पर की गई कार्रवाई बताया। लोगों ने पीड़िता को श्रद्धांजलि देते हुए नारेबाजी की कि न्याय हुआ।

मिलीजुली प्रतिक्रिया

वहीं कुछ लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सही नहीं कहा। ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमंस एसोसिएशन ने कहा कि यह न्याय नहीं हुआ। सांसद जया बच्चन ने कहा कि चार लोगों की मौत लंबे समय से प्रतिक्षित है। कभी नहीं से देर अच्छी है। बसपा की मायानती ने कहा कि पुलिस की कड़ी कार्रवाई प्रशंसनीय है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि गैर न्यायिक मौत स्वीकार्य नहीं है। भाजपा नेता मेनका गांधी ने कहा कि इसे भयावह घटना कहा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा वह खुश हैं कि दरिंदे मारे गए लेकिन न्याय पूरी प्रक्रिया से होना चाहिए।

वारंगल में भी हुई थी ऐसी घटना

पुलिस कमिश्नर वी सी सजनार जब वारंगल में पुलिस अधीक्षक पद पर पदस्थ थे तब इंजीनियरिंग की दो छात्राओं पर एसिड से हमला करने के तीन आरोपितों को पुलिस ने मार गिराया था। घटना दिसंबर 2008 की है। तब पुलिस दल मोटरसाइकिल जब्त करने वारदात स्थल पर पहुंचा तो आरोपितों ने पुलिस पर हमला कर दिय। बाद में एक पीड़िता की मौत हो गई थी

एनएचआरसी ने दिया जांच का दिया आदेश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पुलिस मुठभेड़ का संज्ञान लिया और मामले की जांच के आदेश दिए। एनएचआरसी ने कहा मुठभेड़ चिंता का विषय है और इसकी सावधानी से जांच होनी चाहिए। आयोग ने अपने महानिदेशक (जांच) से तथ्यों का पता लगाने के लिए घटनास्थल पर तत्काल एक टीम भेजने को कहा है। उसने कहा कि घटना से साफ पता चलता है कि पुलिस कर्मी 'घटना पर आरोपियों द्वारा किसी प्रकार की अप्रिय घटना किए जाने के लिए तैयार और पूरी तरह सतर्क नहीं थे जिसके कारण चारों की मौत हो गई।"

ग्रामीणों ने ढहा दी दीवार

हैदराबाद कांड में टोंडूपल्ली गांव के निवासी स्थानीय लोगों ने हाइवे के पास उस दीवार को ढहा दिया, जिसके पीछे आरोपियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था।

Posted By: Navodit Saktawat

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