भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने नई गाइडलाइंस जारी की है। इसमें कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जांच की अनिवार्यता खत्म कर दी है। नई गाइडलाइंस के हिसाब के अपेक्षाकृत कम लोगों को टेस्ट कराने की जरूरत पड़ रही है। यहां तक होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों के लिए भी तीन दिन तक लगातार बुखार नहीं आने की स्थिति में सातवें दिन कोरोना मुक्त मानने का प्रविधान कर दिया गया है और इसके लिए कोई टेस्टिग की जरूरत भी नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तीसरी लहर में अभी तक संक्रमण दर में बढ़ोतरी चुनौती के रूप में सामने नहीं आई है।

दूसरी लहर के दौरान जहां सरकार की ओर से टेस्टिग, टेस्टिंग और टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा था। वहीं इस बार आइसीएमआर ने संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले सिर्फ उन्हीं लोगों तक टेस्टिग को सीमित कर दिया, जिनमें कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नजर आ रहे हों या जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो या फिर जिनकी उम्र 60 साल से अधिक हो। 96 प्रतिशत संक्रमितों में कोई लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं, जिनमें लक्षण देख भी रहे हैं वो भी हल्के किस्म के हैं, जो घर पर ही ठीक हो रहे हैं।

बहुत कम लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने और आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सिर्फ संक्रमण दर बढ़ने के कारण हड़बड़ी में कोई फैसला लेना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है और इसी वजह से बदलती जरूरत के मुताबिक इस बार टेस्टिग पर जोर नहीं दिया जा रहा है। देशभर में पिछले तीन दिन से कोरोना टेस्टिग में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। बुधवार को 18.86 लाख टेस्ट हुए थे। गुरूवार को 17.87 लाख और शुक्रवार को 16.13 लाख टेस्ट हुए।

Posted By: Navodit Saktawat