शिमला। हिमाचल प्रदेश में पीलिया फैलने से मचे हड़कंप के बाद राज्य सरकार ने इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन के नट बोल्ड कसने शुरू कर दिए हैं। राज्य की पेयजल योजनाओं से यदि लोगों को दूषित पानी सप्लाई हुआ तो अधिकारी व मौके के कर्मी का निलंबन तय है। पंप ऑपरेटरों को रोजाना सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य (आइपीएच) विभाग के उच्चाधिकारियों तक रिपोर्ट देनी होगी जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि पानी की गुणवत्ता का स्तर कैसा रहा है और क्लोरिनेशन की गई है या नहीं? यह भी अपने सर्किल ऑफिस को बताना होगा कि कब तक क्लोरिनेशन की एक्सपायर अवधि समाप्त हो रही है।

अधिकारियों की कोताही पर सरकार को सीधे फील्ड से एक पंप ऑपरेटर भी शिकायत कर सकता है। सरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। ऐसा न करने पर कोताही बरतने वाले पंप ऑपरेटरों पर भी अब हिमाचल में निलंबन की गाज गिर सकती है। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में मौखिक के बाद लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। आइपीएच विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने इसकी पुष्टि की है।

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