अरविंद कुमार सिह, ऊधमसिंह नगर। आईआईएम काशीपुर के प्रोफेसर कुनाल ने उद्योग और बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल फाइनेंस संबंधी चुनौतियों एवं संभावनाओं को ध्यान में रख उन्होंने दो साल में डिजिटल फाइनेंस कोर्स तैयार किया है। यह कोर्स अब काशीपुर आईआईएम में छात्रों के लिए शुरू किया जाएगा। प्रोफेसर कुनाल का कहना है कि यह कोर्स न केवल डिजिटल इंडिया को पंख लगाएगा, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्टार्ट अप के लिहाज से भी युवाओं को उद्योग संचालन में दक्षता भी प्रदान करेगा। इससे वैश्विक बाजार में युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।

प्रो. कुनाल का कहना है कि उद्योग स्थापित तो कर दिए जाते हैं, मगर प्रबंधन में दक्षता न होने से उत्पाद में न तो गुणवत्ता आ पाती है न ही बेहतर बाजार मिल पाता है। वित्तीय सिस्टम ठीक न होने से भी उद्योग फेल हो जाता है। इसके अलावा बैंकों में लेन-देन के मामले में भी दिक्कतें सामने आती हैं। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया प्रोग्राम शुरू किया, ताकि लोगों का रुझान डिजिटल पर हो और सिस्टम में पारदर्शिता भी आए।

उद्योगों के बेहतर संचालन और बैंकिंग में बेहतरीन प्रबंधन के मद्देनजर आईआईएम काशीपुर ने यह डिजिटल फाइनेंस कोर्स तैयार किया है। एमबीए के छात्रों के लिए यह कोर्स वैकल्पिक विषय के तौर पर शुरू किया जा रहा है। आईआईएम काशीपुर का बंगलुरु की दो कंपनियों से टाई-अप हुआ है, जो छात्रों से ऑनलाइन प्रोजेक्ट तैयार कराएंगी। यही नहीं, कंपनी संचालक खुद आईआईएम में लेक्चर भी देंगे।

कोलकाता से आईआईएम और आईआईटी कानपुर से फाइनेंस में पीएचडी डिग्री लेने वाले प्रो. कुनाल बताते हैं कि डिजिटल फाइनेंस से उद्योगों में ऑनलाइन पेमेंट और प्रबंधन में क्रांति आएगी। इस कोर्स के जरिए न केवल डिजिटल प्लेटफार्म तैयार होगा, बल्कि ऑनलाइन पेमेंट के लिए उद्योगों को टेक्नोलॉजी सपोर्ट मिलेगा। भारतीय बाजार के लिए भी दक्ष छात्र तैयार होंगे।

दिसंबर 2016 में अहमदाबाद में एडवांस कोर्स इन फाइनेंस विषय पर तीन घंटे की कार्यशाला हुई थी। उद्योगों के बेहतर संचालन के लिए उसी समय यह विचार आया कि तीन घंटे के लेक्चर को 30 घंटे में कैसे बदला जा सकता है। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सभी लोग जुट गए। करीब दो साल में डिजिटल फाइनेंस नाम से कोर्स तैयार किया। इसे आईआईएम काशीपुर के बोर्ड में रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई। इस कोर्स से वर्चुअल करेंसी, डिजिटल पेमेंट, फाइनेंस मॉडल बिजनेस का नेटवर्क आधार तैयार होगा। -प्रोफेसर कुनाल, आईआईएम काशीपुर