चेन्नई। दस साल पहले दक्षिण एशिया में भीषण तबाही लाने वाली सुनामी ने तमिलनाडु में सबसे ज्यादा विनाश नागापट्टनम में किया था। हालांकि अब यहां कुछ सकारात्मक सामाजिक बदलाव आए हैं। स्वयंसेवी संगठनों के मुताबिक अब यहां के मछुआरे समुदाय में महिलाओं की आवाज सुनी जाती है और बाल विवाह पूरी तरह से बंद हैं।

लीगल ऐड टू वूमन ट्रस्ट की निदेशक ए गांधीमती ने कहा कि सुनामी की तबाही से यह क्षेत्र जैसे-जैसे उबरा, यहां परिवारों के भीतर और बाहर महिलाओं को उचित अहमियत मिलनी शुरू हुई है। इस इलाके में मछुआरे समुदाय में बाल विवाह की प्रथा पूरी तरह से बंद हो गई है। लोगों का कहना है कि इस समुदाय में अब लड़कियां पहले के मुकाबले ज्यादा शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि सुनामी से नागापट्टनम में 6,100 लोगों की मौत हुई थी।

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