India China Border Update: चीन के खिलाफ उस समय भारत को बड़ी कामयाबी मिली जब लद्दाख में चीनी सेना पीछे हटने को मजबूर हुई। इससे पहले 6 जून, 2020 को कमांडर स्तरीय वार्ता के बाद भी चीनी सेना ने पीछे हटने की बात कही थी, लेकिन फिर हमला बोल दिया। अब भारतीय सेना अलर्ट पर है। कोई मौका नहीं छोड़ा जा रहा है कि चीन कोई धोखा दे पाए। सेना ने पूरे इलाके में कड़ी निगरानी करने की योजना बनाई है। कहा जा रहा है कि चीन के खिलाफ यह भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है, लेकिन साथ ही अब पहले से ज्यादा अलर्ट रहना जरूरी है। साफ कहा जा रहा है कि चीनी सेना को पीछे हटना पड़ा है और भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

चीनी विदेश मंत्रालय की भी भाषा बदली

ताजा हालात के बाद चीनी विदेश मंत्रालय की भाषा भी बदल गई है। चीनी सेना के पीछे हटने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों देश साथ मिल कर जनता की राय को सही दिशा में ले जाने का काम करेंगे। द्विपक्षीय आदान-प्रदान व संबंधों को आगे बढ़ाएगा और विवाद को और बिगाड़ने की कोशिश नहीं करेगा। भारत और चीन के रिश्तों के बड़े लक्ष्यों को ध्यान में रखकर काम करने को कहा गया है। इस बयान को आम भारतीय जनमानस में चीन के प्रति बढ़ रहे गुस्से और चीन के उत्पादों के खिलाफ उठाये जाने वाले सरकारी कदमों से जोड़ कर देखा जा सकता है।

पीएम मोदी का लेह दौरा रहा मास्टर स्ट्रोक

चर्चा है कि 15 जून की खूनी झड़प के बाद भारत ने जिस तरह से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चीन के साथ उसकी नीति अब पूरी तरह से बदली हुई होगी, इसका बहुत असर पड़ा है। खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लेह यात्रा के बाद चीन के पक्ष में स्पष्ट तौर पर बदलाव दिखा है। पीएम मोदी की यात्रा के बाद दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच कई माध्यमों से संपर्क स्थापित हुआ है। हालिया संपर्क एनएसए अजीत डोभाल व चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच रविवार को सीमा विवाद को लेकर हुई बातचीत से हुआ है।

Posted By: Arvind Dubey

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