कोरोना महामारी के आने के बाद सभी लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई लोगों के व्यवसाय सालों से बंद हैं तो कितनों की नौकरी जा चुकी है। इस बीच बेरोजगार घूम रहे लोगों के लिए राहत की खबर आ रही है। इस साल फरवरी के महीने में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से 12.37 लाख कर्मचारी जुड़े हैं। पिछले साल के फरवरी महीने के मुकाबले यह आंकड़ा करीब 20 प्रतिशत अधिक है। यह आंकडा मंगलवार को जारी किया गया है।

यह आंकड़ा नियमित वेतन पर रखे जाने वाले कर्मचारियों की संख्या बताता है। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति भी पता चलती है। श्रम मंत्रालय के अनुसार फरवरी में ईपीएफओ से 12.37 लाख अंशधारक जुड़े हैं। जनवरी के महीने से तुलना करें तो यह संख्या 3.52 प्रतिशत ज्यादा है।

पिछले साल ईपीएफओ से जुड़े थे 78.58 लाख नए अंशधारक

श्रम मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में 69.58 लाख अंशधारक ईपीएफओ से जुड़े हैं। फरवरी 2021 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या में 19.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल 78.58 लाख नए अंशधारक ईपीएफओ से जुड़े थे। ईपीएफओ अप्रैल 2018 से नियमित वेतन पर रखे जाने वाले कर्मचारियों के आंकड़े जारी कर रहा है।

2.37 लाख अंशधारकों में 7.56 लाख नए सदस्य

बयान में कहा गया है कि फरवरी 2021 में जुड़े 12.37 लाख अंशधारकों में से करीब 7.56 लाख नए सदस्य थे, जो पहली बार ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में आए थे। वहीं, 4.81 लाख अंशधाक फिर से इस योजना का हिस्सा बने हैं। इसका मतलब है कि इन लोगों ने एक नौकरी छोड़कर दूसरी जगह ज्‍वॉइन किया है। फरवरी 2021 में सबसे ज्यादा 22 से 25 की उम्र के करीब 3.29 लाख अंशधारक ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े हैं।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags