गणेश पांडेय, हल्द्वानी। अद्भुत हुनर के धनी प्रकाश उपाध्याय का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। पेशे से आर्टिस्ट प्रकाश ने विश्व का सबसे छोटा शिप बनाकर यह कीर्तिमान कायम किया। प्रकाश ने सबसे छोटा शिप बनाकर लंदन के आर्थर वी पेडलर का 62 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर भारत का गौरव बढ़ाया है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी 46 वर्षीय प्रकाश उपाध्याय ने 1.20 सेमी लंबी और 0.50 सेमी चौड़ी कांच की बोतल के भीतर शिप का मॉडल बनाया। बोतल के मुंह का आकार 0.15 सेमी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने इसे 2018 के रिकॉर्ड में शामिल किया है।

इससे पहले 1956 में ब्रिटेन के आर्थर वी पेडलर ने 2.38 सेमी लंबी, 0.90 सेमी चौड़ी व 0.20 सेमी मुंह वाली कांच की बोतल में शिप मॉडल स्थापित करने का कारनामा किया था।

इस सामग्री से बनाया शिप

प्रकाश उपाध्याय के मुताबिक शिप को लकड़ी का बनाया गया है। जिसमें 7 रस्सियों, 5 पाल, 3 खंभे व 3 झंडों का इस्तेमाल किया है।

कुछ अलग करने की चाहत

डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में बतौर आर्टिस्ट कार्यरत प्रकाश फाइन आर्ट में डिप्लोमा प्राप्त हैं। प्रकाश कहते हैं कि बचपन से ही कुछ अलग करने की चाहत थी। भविष्य में और भी कई कारनामे करने का इरादा रखते हैं। प्रकाश मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लॉक के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह हल्द्वानी में रहते हैं।

पांच व्यक्तिगत रिकॉर्ड कर चुके हैं कायम

- विश्व की सबसे छोटी हस्त लिखित पुस्तक (3 गुणा 4 गुणा 4 मिमी) 2013 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज।

- विश्व की सबसे छोटी हस्त लिखित पुस्तक 'हनुमान चालीसा' (3 गुणा 4 गुणा 4 मिमी) 2015 में यूनिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज।

-विश्व का सबसे छोटा चरखा (5 गुणा 5 गुणा 6 मिमी) 2016 लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज।

- दुनिया की सबसे छोटी पेंसिल (0.5 गुणा 0.5 गुणा 5 मिमी) 2017 में असिस्ट वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज।

दो सामूहिक रिकॉर्ड भी किए नाम

2016 में मेरठ में 1391.7 मीटर लंबी पेंटिंग बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले साढ़े तीन हजार आर्टिस्टों में प्रकाश जोशी भी शामिल थे। पिछले साल जून में कला आकार फाउंडेशन की ओर से दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रकाश समेत देश के 1145 चित्रकारों ने एक पेड़-एक जिंदगी की थीम पर पेंटिंग बनाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया था।

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