बेंगलुरु। भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने चीन और पाकिस्तान की नापाक हरकतों को देखते हुए भारत के सतर्क रहने की बात कही है। उन्होंने शनिवार को यहां कहा कि रणनीति का केंद्र पश्चिम से पूरब की ओर खासकर एशिया और प्रशांत महासागरीय क्षेत्र बनने से भारत सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रहा है। खासकर हठी चीन और घुसपैठ करने वाले पाकिस्तान की वजह से।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि माहौल अनुकूल नहीं है क्योंकि चीन की तरक्की शांतिपूर्ण ढंग से हो यह अब भी दूर का सपना है। हठधर्मी चीन सैन्य शक्ति बढ़ाने पर खासकर हवाई और अंतरिक्ष शक्ति पर बहुत अधिक निवेश कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय जल सीमा पर दावे कर रहा है, द्वीपों की सीमाओं व दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर के ऊपर के हवाई क्षेत्र को लेकर दावे कर रहा है।

वायुसेना प्रमुख राहा यहां एयर चीफ मार्शल एलएम कत्रे स्मारक व्याख्यान माला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन की विरासत की वजह से हमारी सीमाएं शत्रुतापूर्ण हैं। भारत की सीमा विस्तार की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है।

वह सिर्फ अपने उस क्षेत्र को पाना चाहता है जिसे वह अपने इतिहास की वजह से पड़ोसियों से खो चुका है। चीन का उत्थान शांतिपूर्ण रहने जा रहा है इसमें संदेह है। इसे देखते हुए हमारे पास निकट भविष्य में ऐसी चुनौतियों के लिए तैयार रहने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की वापसी के बाद से दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान और पाकिस्तान की स्थिति खतरनाक होने जा रही है। पाकिस्तान आतंकवाद का स्रोत है। वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का हिस्सा होते हुए भी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।

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