नई दिल्ली। अभी गर्मी शुरू भी नहीं हुई है और सूरज के तेवर अभी से तीखे होने लगे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर दी है कि इस साल भीषण गर्मी के लिए तैयार हो जाइए। मार्च से मई तक तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी कर दी गई है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा तापमान रह सकता है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा तापमान रह सकता है।

बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान भी 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले सात सालों में 28 फरवरी को सबसे अधिक गर्मी रही। इससे पूर्व 2016 में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

मौसम विभाग का कहना है कि मार्च से मई के बीच 'हीट वेव जोन' में तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है।इस बात की आशंका इसकी 52 प्रतिशत है। इस जोन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश शामिल हैं।

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वहीं, केरल, तमिलनाडु, दक्षिण कर्नाटक और रायलसीमा में सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने की संभावना है। शेष उपखंडों में तापमान की वृद्धि 0.5 डिग्री सेल्सियस से 1 डिग्री सेल्सियस के बीच होने का अनुमान है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 भारत का चौथा सबसे गर्म वर्ष रहा है। लगातार चौथे वर्ष अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड टूटा है, इसकी सबसे बड़ी वजह जनवरी-फरवरी माह में तापमान में बढ़ोतरी रही है।

मौसम विभाग के महानिदेशक का कहना है कि जाहिर है अगर तापमान में इजाफा होता है तो जलवायु परिवर्तन का प्रकोप भी होगा और जिसका सीधा-सीधा असर उत्तर भारत में पड़ने वाली गर्मी से लगाया जा सकता है।

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