सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में बीते करीब दो महीने से तालाबंदी है। इस दौरान ट्रेनों का संचालन भी बंद कर दिया गया था। मगर, अब धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को पटरी से उतरने से रोकने के लिए ट्रेन का पटरी पर सीमित संचालन शुरु हो गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के तौर पर कई ट्रेनों में यात्रियों के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं। श्रमिक स्पेशल और राजधानी स्पेशल के बाद अब एक जून से दो सौ नियमित ट्रेनें भी स्पेशल के नाम से ही चलने की तैयारी में है।

इन ट्रेनों के संचालन में कई तरह के नियम कानून बनाए गए हैं। इसी बहाने कई बड़े अवरोधों को एक झटके में समाप्त किया जा सकता है। इनमें ट्रेनों में कृत्रिम रूप से चल रहा वेटिंग लिस्ट का बड़ा खेल है, जिसे समाप्त करना आसान नहीं रहा है। मगर, कोरोना वायरस के संक्रमण के सामने आने के बाद सोशल डिस्टैंसिंग को देखते हुए उतने ही टिकट जारी किए जा रहे हैं, जितनी सीटें हैं। कन्फर्म टिकट के बिना किसी भी यात्री को ट्रेन में नहीं बैठने दिया जाएगा।

सिर्फ कन्फर्म टिकट पर यात्रा करने के प्रावधान लागू करवाने की कोशिश इससे पहले भी हो चुकी है, लेकिन तब व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका। रेलवे सूत्रों का कहना है कि आरक्षण में कोटे के नाम पर सारा खेल होता रहा है। इसी की आड़ में रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत से दलाल टिकट कन्फर्म करवाते हैं और यात्रियों से मनमाने दाम वसूलते रहे हैं। आरक्षण कोटा का बढ़ाया अथवा घटाया जाना लगातार विवादों में रहा है। संसद में भी यह मसला उठता रहा है।

Covid-19 वायरस के बहाने ही सही आरक्षित सीटों पर ही अब ट्रेनों में यात्रा करना संभव होगा। फिलहाल इसकी तैयारियां कर ली गई हैं। मगर, आखिरी वक्त में टिकट कैंसिल कराने से खाली होने वाली सीटों के लिए कुछ सीमित वेटिंग लिस्ट का भी प्रावधान किया गया है। दो घंटे पहले जारी होने वाले करेंट रिजर्वेशन में उसे हर हाल में भरने का प्रयास किया जाएगा। टीटीई के पास टिकटों को आरक्षित करने अथवा रास्ते में बर्थ देने जैसे प्रावधानों को सीमित किया जाएगा।

स्पेशल ट्रेनों के लिए वेटिंग का जो फार्मूला घोषित किया गया है, उसे एक जून से चलने वाली ट्रेनों में भी अपनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसे ही आगे बढ़ाने की योजना है। इसके तहत वेटिंग में बुक हो सकने वाले फर्स्ट एसी और एक्जीक्यूटिव क्लास में अधिकतम 20 , सेकेंड एसी में 50 व थर्ड एसी और चेयरकार में यह संख्या सौ-सौ टिकट की है। स्लीपर क्लास में वेटिंग सूची की यह सीमा अधिकतम दो सौ तक है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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