Indian Railway News : रेल प्रशासन ट्रेनों से स्लीपर कोच को कम कर इकोनामी क्लास के एसी कोच लगाने की व्यवस्था करने जा रहा है। मुरादाबाद होकर गुजरने छह ट्रेनों में यह सुविधा शीघ्र शुरू होने जा रहा है। कुछ ट्रेनों में एसी थ्री के अतिरिक्त कोच भी लगाएंगे। रेलवे ने आम यात्रियों को एसी में सफर करने के लिए इकोनामी क्लास कोच तैयार किया है। इसका किराया स्लीपर से थोड़ा अधिक और एसी थ्री से कम रखा गया है।

रेलवे धीरे-धीरे ट्रेनों में इकोनमी कोच लगाने की व्यवस्था करने जा रहा है। मुरादाबाद रेल मंडल से होकर गुजरने वाली छह ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। दिल्ली अयोध्या कैंट के बीच चलने वाली और दिल्ली प्रतापगढ़ के बीच चलने वाली पदमावत एक्सप्रेस से दो स्लीपर कोच हटाकर दो इकोनमी क्लास कोच लगाए जाएंगे। यह सुविधा क्रमशः एक जुलाई व तीन जुलाई से यात्रियों को मिलने लगी।

आनंद विहार-सुलतानपुर-रक्सौल के बीच चलने वाली सद्भावना एक्सप्रेस में 17 जुलाई के एक स्लीपर कोच हटाकर एक इकोनमी क्लास कोच लगाया जाएगा। इसी तरह नौ अगस्त से जम्मूतवी-कानपुर एक्सप्रेस में दो स्लीपर हटाकर दो इकोनमी क्लास, 19 मई से कटारा-गाजीपुर सिटी साप्ताहिक एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त इकोनमी क्लास कोच, 30 जून से आनंद विहार-गाजीपुर सिटी सुहेल देव एक्सप्रेस व सुपरफास्ट में एक स्लीपर के स्थान पर इकोनमी क्लास कोच लगाया जाएगा। इकोनमी क्लास में निर्धारित तारीख के बाद यात्री आरक्षण टिकट ले पाएंगे। रेलवे अगले चरण में कुछ अन्य ट्रेनों में भी इकोनमी क्लास कोच लगाने पर विचार कर रहा है।

जननायक एक्सप्रेस के यात्री परेशान : गलत घोषणा के कारण जननायक एक्सप्रेस के यात्रियों को परेशान का सामना करना पड़ा। यात्रियों को भागकर ट्रेन पकड़नी पड़ी। इससे कुछ यात्री गिर गए, हालांकि किसी के गंभीर रूप से चाेटिल होने की सूचना नहीं है। जयनगर से अमृतसर जाने वाली जननायक एक्सप्रेस के दोपहर चार बजे के बजाय शाम 6:33 बजे आने की घोषणा की गई।

घोषणा में ट्रेन के प्लेटफार्म संख्या दो पर आने की जानकारी दी गई। जिन्हें ट्रेन से जाना था, वह प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच गए। जबकि ट्रेन प्लेटफार्म संख्या दो के बजाय चार पर पहुंची। नजीबाबाद, लक्सर, सहारनपुर जाने वाले यात्रियों को एकाएक प्लेटफार्म बदलने की सूचना मिली तो वे प्लेटफार्म नंबर चार की ओर दौड़ने लगे। इसके कारण यह ट्रेन पांच मिनट के बजाय दस मिनट तक रुकी रही।

Posted By: Navodit Saktawat

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