प्रयागराज। कोरोनो के चलते घाटे में गया रेलवे अब राजस्व बढ़ाने और ट्रांसपोर्टरों को माल ढुलाई में पीछे छोड़ने के लिए सामान की होम डिलीवरी की तैयारी में है। फिलहाल उपभोक्ताओं को अपना बुक किया हुआ माल लेने के लिए स्टेशन पर पार्सल घर तक आना पड़ता है। अब योजना यह है कि उपभोक्ता जब माल की बुकिंग करेगा तो रेलवे किराया और होम डिलीवरी चार्ज लेकर पार्सल उसके घर तक पहुंचाएगा। रेलवे छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए 100 किलोमीटर से कम दूरी की माल ढुलाई की बुकिंग शुरू कर छूट भी दे रहा है। अब नई योजना के मुताबिक रेलवे पार्सल घर से कुछ गाड़ियों को अनुबंधित करेगा, जिससे पार्सल को उपभोक्ता के पते पर पहुंचाया जाएगा। ग्राहकों से सुविधा के बारे में फीडबैक भी लेगा, ताकि कमी मिलने पर उसमें सुधार किया जा सके।

करीब 8 महीने पहले उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने ईस्टर्न चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी समेत अपने माल ढुलाई के प्रमुख ग्राहकों के साथ बैठक की थी। उसमें डोर-टू-डोर सामान (पार्सल) की डिलीवरी का सुझाव दिया गया था। महाप्रबंधक ने इस सुझाव को रेलवे बोर्ड को भेज दिया था, जिसकी कार्ययोजना पर काम हो रहा है।

रेलवे बोर्ड मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ नए बिजनेस मॉडल की भी तलाश रहा है। इसकी पहल रेलवे बोर्ड के स्तर पर हुई है। वहां बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन हो चुका है। अब जोन स्तर और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट बनाई जा रही है। इसमें वाणिज्य, परिचालन समेत चार विभाग के उच्च अधिकारी रहेंगे।

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य पीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे का ध्यान माल ढुलाई बढ़ाने पर है। इसके लिए कई प्रकार की रियायतें भी दी जा रही हैं। डोर-टू-डोर पार्सल डिलीवरी की भी तैयारी हो रही है।

Posted By: Neeraj Vyas