मुंबई। भारतीय नौसेना ने शनिवार को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत 'इंफाल' को लांच किया गया। इसका डिजाइन औरनिर्माण देश में ही किया गया है। 'प्रोजेक्ट 15ब्रेवो' के तहत यह तीसरा पोत है। इससे पहले 2015 में 'विशाखापट्टनम' और 2016 में 'मुर्मागोवा' को लांच किया गया था। तीनों पोत 2021 से नौसेना का हिस्सा हो जाएंगे।

नौसेना की परंपरा के तहत लांचिंग के वक्त पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की पत्नी और नौसेना पत्नी कल्याण संगठन की प्रमुख रीना लांबा ने पोत के एक हिस्से पर नारियल फोड़ा। इस मौके पर एडमिरल लांबा ने कहा, 'MDL, भारतीय नौसेना,DRDO, OFB, BEL और अन्य सार्वजनिक उद्यमों और निजी उद्योग के तालमेल से देश के सामरिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए बल का स्तर बनाए रखा गया है।'

एडमिरल लांबा ने पोत निर्माण में शामिल पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसे पोत को डिजाइन कर नौसेना डिजाइन महानिदेशालय 'खरीददार' से 'निर्माणकर्ता' बनने के नौसेना के सपने को साकार करने में योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा, 'भारतीय नौसेना इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और गौरवान्वित है कि हमारे सभी युद्धपोतों और पनडुब्बियों को आज ऑर्डर पर देश में ही तैयार किया जा रहा है।'

पोत 'इंफाल' की खासियतें

लंबाई - 163 मीटर चौड़ाई - 17.4 मीटर वजन- 7,300 टन अधिकतम गति - 30 नॉट इंजन - 04 (गैस टर्बाइन)

अन्य फीचर -

पोत दो बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर ले जाने और उनका संचालन करने में है सक्षम - रडार ट्रांसपेरेंट डैक फिटिंग की वजह से दुश्मन द्वारा खोज पाना मुश्किल - वर्टिकली लांच मिसाइल सिस्टम से दूर तक मार कर सकने में भी सक्षम