नई दिल्ली। INX Media Case में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को जमानत मिल गई है। काफी दिनों बाद ही सहीं लेकिन उन्हें यह राहत मिली है लेकिन फिलहाल वो जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। चिदंबरम को फिलहाल सीबीआई के मामले में ही जमानत मिली है वहीं वो प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज केस में जेल में बंद हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने चिबंदरम को 1 लाख के निजी मुचलके पर जमानत देते हुए शर्त रखी है कि वो देश छोड़कर नहीं जा सकते।

जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की पीठ ने मंगलवार को याचिका पर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने 18 अक्टूबर को कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, चिबंदरम फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं और ऐसे में जमानत के बावजूद फिलहाल वो बाहर नहीं आ सकेंगे।

कोर्ट का यह फैसला सीबीआई द्वारा जमानत याचिका के विरोध के बावजूद आया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर पूर्व मंत्री किसी अन्य मामले में जरूरी ना हों तो उन्हें रिहा किया जाए।

सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि हाई कोर्ट ने पाया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

मेहता ने कहा कि आरोपपत्र से अलग गवाहों के बयान सुनवाई करने वाली अदालत के सामने पेश किए गए हैं ताकि उनकी गोपनीयता बनाई रखी जा सके। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि उनपर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा सके।

चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में उनके और अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया है।

Posted By: Ajay Barve