नई दिल्‍ली। स्‍पाइसजेट एयरलाइंस के कर्मचारी इन दिनों बड़ी मुसीबत का सामना कर रहे हैं। दरअसल, कंपनी उनकी तनख्‍वाहों से आयकर तथा टीडीएस की कटौती तो कर रही है, लेकिन बदले में उन्‍हें अब तक न तो फॉर्म नंबर 16 दिया गया है और न ही टीडीएस कटौती का प्रमाण पत्र। कर्मचारियों को यह शंका हो रही है कि उनके वेतन से की गई कटौती को सरकारी खाते में जमा कराया भी गया है या नहीं।

दरअसल, आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2014 है और कंपनी प्रबंधन अपने कर्मचारियों को इससे संबंधित कोई भी दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं करा पाया है। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारियों ने इस संबंध में कंपनी के एचआर, अकाउंट्स तथा फाइनेंस विभाग को कई ईमेल भेजे हैं, लेकिन किसी को भी अब तक जवाब नहीं दिया गया है।

स्‍पाइसजेट के ही एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक अंग्रेजी अखबार को बताया है कि कंपनी में अंदरखाने क्‍या हो रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं मिल पा रही है। एक कर्मचारी ने बताया कि स्‍पाइसजेट अपने पायलेट्स को विदेश भत्‍ते के रूप में 1.2 लाख तथा सह-पायलेट को 80,000 रुपए का भुगतान करती है। लेकिन जून माह के वेतन में यह भत्‍ता नहीं दिया गया है।

भविष्‍य को लेकर आशंकित कर्मी

आमतौर पर टैक्‍स जमा करने में गड़बड़ी, वेतन भुगतान में विलंब आदि घटनाएं होना किसी कंपनी के वित्‍तीय नुकसान का पहला संकेत मानी जाती हैं। विजय माल्‍या की किंगफिशर एयरलाइन्‍स में भी टैक्‍स रिटर्न की शुरूआती गड़बड़ी पाई गई थी, जिसके बाद कंपनी के नुकसान की पोल खुलने लगी और अब उस कंपनी का हश्र सभी देख चुके हैं। टैक्‍स गड़बड़ी और प्रबंधन की चुप्‍पी के बाद स्‍पाइसजेट के कर्मचारी भी कंपनी और अपने भविष्‍य को लेकर आशंकित हो गए हैं।

इस पूरे मामले पर कंपनी ने किसी भी प्रकार का स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया है। हालांकि कंपनी के एक सूत्र ने बताया कि उनकी एयरलाइन, किंगफिशर की राह पर नहीं चल रही है। सूत्र ने बताया कि आईटी विभाग में तकनीकी खराबी आने की वजह से कर्मचारियों को अब तक टीडीएस फॉर्म नहीं प्राप्‍त हुआ है।