Income Tax Return की तारीख बढ़ने के बाद अब आयकर विभाग Income Tax Department ने TDS को लेकर फैसले लिए हैं जिनमें TDS फार्म में बदलाव भी शामिल है। आयकर विभाग के कैश निकासी पर टीडीएस से जुड़े नए नियम इसी महीने से प्रभावी होंगे वहीं विभाग ने बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को इस पर टीडीएस की गणना करने की सुविधा देते हुए एक कैलक्युलेटर दिया है। विभाग ने आयकर विभाग के ई-फाइलंग पोर्टल में सेक्शन 194N के तहत टीडीएस गणना की सुविधा दी है।

यह सुविधा सिर्फ बैंकों, को-ऑपरेटिव सोसायटी और पोस्ट ऑफिसेस के लिए है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर दिे गए Quick Links सेक्शन में जाकर Verification of applicability u/s 194N दिया गया है। टीडीएस की गणना के लिए बैंक और सस्थाएं लिंक पर जाकर अपना पैन नंबर डालने के बाद टीडीएस की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा यहां मोबाइल नंबर भी डालना होगा जिस पर ओटीपी भेजा जाएगा।

बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस आपके केस में टीडीएस दर की गणना कर सकते हैं। नहीं तो आपको एक डिक्लेरेशन लेटर अपने 2018-19, 2017-18 और 2016-17 के आयकर रिटर्न के एकनॉलजमेंट की कॉपी के साथ जमा करने होंगे। कैश लेनदेन को कम करने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए यह सेक्शन लाया गया है। नियम के तहत साल में किसी भी बैंक, पोस्ट ऑफिस या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन द्वारा पैसा प्राप्त करने वाले को 1 करोड़ से ऊपर के कैश लेनदेन पर 2 प्रतिशत टीडीएस लिया जाएगा।

1 जुलाई से लागू इस नियम में बदलाव किया गया है और इसके बाद आयकर रिटर्न से टीडीएस को लिंक किया जा सकेगा। अगर आपने पिछले तीन साल अपना आयकर नहीं भरा है तो बैंक आपको 20 लाख से 1 करोड़ के बीच लेनदेन पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस चार्ज करेगा। वहीं एक करोड़ से ज्यादा रकम पर यह 5 प्रतिशत होगा।

टीडीएस फॉर्म में सुधार

आयकर विभाग ने टीडीएस फॉर्म में सुधार करते हुए उसे और व्यापक रूप दिया है। नए फॉर्म में टैक्स काटने वाली कंपनियों और संस्थाओं को टैक्स नहीं काटने के मामलों में कारणों का भी जिक्र करना अनिवार्य होगा। नवीनतम सुधारों के बाद बैंकों को भी एक करोड़ रुपये से अधिक निकासी के मामलों में टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) की जानकारी देनी होगी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अधिसूचना के माध्यम से आयकर कानून में सुधार किया है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स व बिजनेस ट्रस्ट्स द्वारा वितरित लाभांश, नकद निकासी, प्रोफेशनल फीस और ब्याज आदि के मामलों में टीडीएस को शामिल किया गया है।

नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार का कहना था कि इस अधिसूचना के बाद सरकार ने फॉर्म-26क्यू और 27क्यू को संशोधित किया है। इनके माध्यम से करदाता विभिन्न तरह के रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट भुगतान पर टीडीएस लिए और जमा किए गए मामलों की जानकारी देते हैं। कुमार के मुताबिक नए फॉर्म ज्यादा व्यापक हैं। इसमें इसकी जानकारी तो देनी ही है कि कहां-कहां टीडीएस लिए गए हैं, इसकी भी जानकारी देनी है कि टीडीएस कहां नहीं लिए गए और क्यों नहीं लिए गए।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Ram Mandir Bhumi Pujan
Ram Mandir Bhumi Pujan