चंडीगढ़। यात्रियों से दुर्व्यवहार के मामले पर एयरलाइंस कंपनियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए पंजाब राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने जेट एयरवेज और एयर कनाडा को एक महिला यात्री को 35 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

मिनाली मित्तल और उनके दो बच्चों पिछले साल दिल्ली एयरपोर्ट पर टोरंटो जाने वाली फ्लाइट से जबरदस्ती उतार दिया गया था। आयोग में दायर शिकायत में मिनाली ने कहा था कि सितंबर 2017 में वह बेटी तीशा (11) और तीन वर्षीय पुत्र के साथ टोरंटो जाने के लिए चंडीगढ़ से जेट एयरवेज़ के विमान से दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद वे कनाडा जाने के लिए एयर कनाडा के विमान पर सवार हुईं तो वॉशरूम में बदबू आने के चलते उनकी बेटी तीशा मित्तल को उल्टी आ गई। जिस पर एयरलाइंस के स्टॉफ ने तीशा व उनको बीमार बताते हुए बेटे सहित विमान से उतार दिया।

आयोग के अध्यक्ष जस्टिस परमजीत सिंह धालीवाल और सदस्य किरन सिब्बल की पीठ ने कहा कि अन्य यात्रियों की सेहत का बहाना बनाकर महिला यात्री को उसके बच्चों के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारना, सेवा प्रदान करने में बड़ी लापरवाही और अनुचित व्यापार की नीति को दर्शाता है। एयर कनाडा के साथ जेट एयरवेज को भी 35 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेशों में शामिल किया गया है।

आयोग ने कहा है कि जेट एयरवेज और एयर कनाडा के बीच कोड शेयरिग व्यवस्था होने के चलते दोनों एयरलाइंस एक ही टिकट पर यात्रियों को विमान सेवा उपलब्ध करवाती हैं और शिकायतकर्ता महिला से हुए दुर्व्यवहार का खामियाजा दोनों को भुगतना होगा।