श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी सहित 13 महिला प्रदर्शनकारियों को आज शाम यहां एक अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। इन्‍हें मंगलवार को एक विरोध मार्च निकालने के बाद गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि अब्दुल्ला की बहन सुरैया, उनकी बेटी साफिया और 11 अन्य महिलाओं ने 10,000 रुपये के व्यक्तिगत बांड और CRPC (आपराधिक प्रक्रिया संहिता) की धारा 107 के तहत 40,000 रुपये की जमानत राशि का भुगतान किया। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा उन्हें जमानत देने के बाद बुधवार शाम 6 बजे केंद्रीय जेल श्रीनगर में बंद महिलाओं को रिहा कर दिया।

यह था पूरा मामला

सुरैया और साफिया उन महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह का नेतृत्व कर रहे थे, जिन्होंने ब्लैक आर्म बैंड पहना था और तख्तियां लगा रखी थीं। वे यहां अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर के विभाजन का विरोध कर रही थीं। जिस स्‍थान पर यह विरोध प्रदर्शन हो रहा था, वह जगह श्रीनगर के लाल चौक से सटी हुई है। उन्हें पुलिस ने यहां एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी और शांति बनाए रखने को कहा। जब इन महिलाओं ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और वहां बैठने की कोशिश करने लगीं तो उन्हें हिरासत में लिया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया।

5 अगस्‍त को भी ऐसा ही हुआ था

गत 5 अगस्‍त को सरकार ने कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाया था। उसके एक दिन पहले पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्‍दुल्‍ला को हाउस अरेस्‍ट किया गया था।

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Posted By: Navodit Saktawat