नई दिल्ली। कठुआ दुष्कर्म मामले में कोर्ट द्वारा आरोपियों को सजा सुना दी गई है। तीन दोषियों को उम्र कैद की सजा मिली है। इसे लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आम लोग दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

बता दें दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को तीन आरोपियों को उम्रकैद और अन्य तीन को पांच साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट द्वारा आरोपियो को कम सजा दिए जाने की आवाज उठ रही हैं। इसी के साथ हर वर्ग से आरोपियों की सजा को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने भी इस मामले को लेकर अपने विचार रखे हैं।

कोर्ट द्वारा आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद से ही उम्रकैद और फांसी की सजा को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। इस बीच फिल्म लेखक एवं गीतकार जावेद अख्तर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौत सजा को लेकर उनके स्पष्ट विचार नहीं हैं कि ये सही है या गलत है।

हालांकि उन्होंने कहा कि मौत की सजा देना प्रभावी हल नहीं है, क्योंकि कई देशों में मृत्यूदंड पर रोक है लेकिन वहां अपराध की दर नहीं बढ़ी है। वहीं कई देशों में मृत्यूदंड की सजा दी जाती है लेकिन उन देशों में अपराध में कोई कमी दर्ज नहीं की गई है। जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि आरोपियों को मृत्यूदंड दिया जाना चाहिए या नहीं।

बता दें कि जम्मू कश्मीर के कठुआ की हीरानगर तहसील के एक गांव में 10 जनवरी 2018 को आठ साल की बच्ची पशु चराते वक्त गायब हो गई थी। तीन दिन बाद उसका शव एक धार्मिक स्थल के पास मिला था।

परिवार की शिकायत पर दीपक कुमार, प्रवेश कुमार, विशाल जंगोत्रा, एसपीओ सुरेंद्र कुमार, एसपीओ आनंद दत्ता, कांस्टेबल तिलक राज, सांझी राम व एक नाबालिग पर दुष्कर्म, हत्याकांड, षड्यंत्र रचने, सुबूत मिटाने मिटाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

Posted By: Neeraj Vyas