नई दिल्ली। जेट एयरवेज भारी आर्थिक परेशानियों से गुजर रही है। कंपनी को बंद हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन अब तक कंपनी की आर्थिक समस्या का अब तक कोई निदान नहीं निकला है। इस बीच नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जेट एयरवेज की समस्याओं का निराकरण कर लिया जाएगा। संकटग्रस्त विमानन कंपनी के बारे में नई सरकार का यह पहला बयान है।

मंत्री ने एक कार्यक्रम के बाद कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि बंद हो चुकी विमानन कंपनी की समस्याओं को हम सुलझा सकते हैं। माना जा रहा है कि मंत्री जेट एयरवेज का जिक्र कर रहे थे। गौरतलब है कि भारतीय विमानन क्षेत्र कई समस्याओं से गुजर रहा है। पिछले साल Air India को बेचने की एक कोशिश विफल हो चुकी है।

पुरी ने कहा कि हमने अतीत में नागरिक विमानन क्षेत्र में कुछ गलतियां की हैं, जिन्हें ठीक करने की जरूरत है। कर्ज नहीं चुका पाने और टिकट की कीमतों पर प्रतिस्पर्धा के दबाव के चलते जेट एयरवेज को अप्रैल में संचालन बंद करना पड़ा था। इस वजह से हजारों कर्मचारी सड़क पर आ गए। विमानन क्षेत्र में किराया आसमान पर पहुंच गया। जेट एयरवेज के लिए खरीदार खोजने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं। कंपनी के कर्मचारी सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं। वहीं चुनाव में जीत मिलने के बाद से सरकार ने मोटे तौर पर इस मामले में चुप्पी साध रखी है।

गौरतलब है कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) अगले सप्ताह गुरुवार को जेट एयरवेज के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी के एक मामले की सुनवाई करेगा। जेट एयरवेज के परिचालन कर्जदाता शमन व्हील्स और गग्गर एंटरप्राइजेज ने सोमवार को कंपनी के खिलाफ NCLT में याचिका दायर की थी और कंपनी पर बैंक्रप्सी प्रक्रिया चलाए जाने की मांग की थी।