कोरोना और लॉकडाउन के कारण किसान बेहद परेशान है। कृषकों को फसल बेचने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बीच झारखंड से एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां किसानों कोविड महमारी व अन्य कारण से एक-दो रुपये प्रति किलो की दर से तरबूज बेचना पड़ा था और उन्हें घाटा हुआ। ऐसे में सिख रेजिमेंटल सेंटर रामगढ़ के ब्रिगेडियर मदद करने आगे आए। उन्होंने किसान राजू कुमार महतो से जवानों के लिए पांच टन तरबूज खरीद लिए।

किसान राजू कुमार महतो ने पांच एकड़ जमीन लीज पर लेकर जैविक तरबूज की खेती की। जब तरबूज के खरीदार नहीं मिले तो राजू ने रामगढ़ में स्थित सिख रेजिमेंटल सेंटर (एसआरसी) से संपर्क कर सेना के जवानों के लिए मुफ्त पांच टन तरबूज भेंट करने की पेशकश की। इसके बाद एसआरसी के ब्रिगेडियर एम श्रीकुमार ने मार्केट दर पर किसान से पांच टन तरबूज खरीद लिए।

राजू कुमार ने कहा कि आजसू नेता संजय कुमार महतो की सूचना पर रामगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष विमल बुधिया ने रामगढ़ आर्मी सेंटर के अधिकारियों को यहां की आर्गेनिक खेती के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद कंमाडेंट ब्रिगेडियर एम श्रीकुमार (शौर्य चक्र) व डिप्टी कमांडेंट कर्नल कुमार रणविजय (सेना मेडल) ने सैन्य अधिकारियों के साथ 25 एकड़ पर लगी जैविक खेती की जानकारी ली। किसानों ने उन्हें बताया कि कोरोना व यास तूफान के चलते अच्छा बाजार नहीं मिलने के कारण कई टन तरबूज बर्बाद हो गए। ब्रिगेडियर श्रीकुमार ने कहा कि किसानों को आर्गेनिक खेती करने की तरकीब सीखनी चाहिए और बेहतर ढंग से फसल का उत्पादन कर मुनाफा कमाना चाहिए।

Posted By: Shailendra Kumar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags