रांची। अगर किसी पुरुष के पेट में दर्द हो तो उसके कईं कारण हो सकते हैं लेकिन क्या प्रेगनेंसी उनमें से एक कारण हो सकता है? झारखंड के डॉक्टरों को तो कुछ ऐसा ही लगता है, शायद यही कारण है कि उन्होंने पेट दर्द की शिकायत लेकर आए युवकों को प्रेगनेंसी टेस्ट करने की सलाह दे डाली। हालांकि, बाद में अपनी गलती पर उन्होंने खेद जताया लेकिन तब तक मामला गर्मा चुका था। घटना झारखंड के सिमरिया में स्थित अस्पताल में हुआ है जहां डॉ. मुकेश ने दो युवकों को पेट दर्द की शिकायत पर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने के लिए भेज दिया। घटना 1 अक्टूबर की है।

जानकारी के अनुसार, इन दोनों युवकों गोपाल और कामेश्वर को बहुत ज्यादा पेटदर्द होने पर उनके परिजन डॉक्टर के पास अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टर ने युवकों को HIV, HBA, HCV, CBC, HH-2 और ANC टेस्ट कराने के लिए कहा। इनमें जो सबसे आखिरी का टेस्ट है वो यह जानने के लिए होता है कि संबधित महिला गर्भवती है या नहीं। लेकिन, यहां यह टेस्ट करवाने वाली महिला नहीं बल्कि दो युवक थे।

डॉक्टर की पर्ची लेकर जब यह दोनों युवक पैथोलॉजी लैब पपहुंचे तो वहां मौजूद लैब असिस्टेंट ने उन्हें बताया कि ANC महिलाओं में प्रेगनेंसी जांचने के लिए किया जाता है। यहां तक की असिस्टेंट को भी इस बात पर आश्चर्य हुआ कि डॉक्टर ने युवकों को यह टेस्ट करवाने के लिए क्यों लिख दिया। इसके बाद यह दोनों युवक जब गांव लौटे तो पूरे गांव में इस बात की चर्चा शुरू हो गई।

वहीं दोनों युवकों ने सिविल सर्जन अरुण कुमार पासवान से डॉक्टर की शिकायत की जिसके बाद उन्होंने मामले में जांच के आदेश दे दिया है।

वहीं दूसरी तरफ डॉ. मुकेश ने ऐसी कोई भी जांच लिखने से इनकार किया और साथ ही अपने खिलाफ षडयंत्र का आरोप तक लगा दिया। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि यह झूठ है और मुझे बदनाम करने की साजिश है। इन टेस्ट को बाद में भी किसी के द्वारा पर्ची में लिखा जा सकता है।

Posted By: Ajay Barve