जोधपुर। जोधपुर के भीतरी शहर क्षेत्र में दो शातिर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर एक व्यक्ति को ठग लिया। वे उसके पास से छह लाख रुपए की नगदी ले गए ,लेकिन चांदी की एक सिल्ली और दो लाख की नगदी बच गई । पुलिस ने नागौर से नगदी और चांदी भेजने वाले ज्वैलर्स की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि नागौर के जायल और हाल नागौर में ज्वैलरी का काम करने वाले रविन्द्र सोनी ने एक रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि उसका एक परिचित जोधपुर आ रहा था। तब उसने उसके साथ जोधपुर के ज्वैलरी व्यापारी को देने के लिए आठ लाख रुपए की नगदी दी। इसमें छह लाख का एक और दो लाख का दूसरा पैकेट था। इसके साथ ही पुरानी चांदी की सिल्ली भी एक बैग में डालकर दी थी। उसका परिचित जोधपुर पहुंचा और भदवासिया से टैक्सी लेकर दूध भंडार तक आया। वहां से पैदल ही घोड़ों का चौक की तरफ उक्त बैग व्यापारी को देने के लिए गया। इसी दौरान रास्ते में आरडीएक्स ज्वैलर्स के पास बाइक पर हेलमेट और मुंह पर कपड़ा बांधे दो युवक आए और उसके परिचित को रोका। उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए बैग की तलाशी लेने को कहा।

नागौर से आया परिचित पुलिस के नाम से हड़बड़ा गया और उसने उनको बैग दे दिया। कुछ देर बैग की चैकिंग के दौरान शातिर ठगों ने उसको बैग दे दिया और बाइक लेकर चले गए। बाद में जब उसका परिचित संबंधित व्यापारी के यहां पहुंचा तो उसने बैग संभाला तब उसमें छह लाख की नगदी वाला पैकेट नहीं था। तब उसे ठगी का पता चला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। घटनास्थल आसपास लगे सीसी टीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

Posted By: Navodit Saktawat