जोधपुर, 21 मई। भारतीय सेना के एक जवान को महत्वपूर्ण सैन्य सूचनाएं लीक करने के आरोप में जोधपुर से गिरफ्तार किया गया है मिल्ट्री इंटेलिजेंस के इनपुट्स पर कार्रवाई को अंजाम दिया ग़य्या है। मॉनिटरिंग में यह सामने आया कि भारतीय सेना के 1 रेजीमेंट में जोधपुर में कार्यरत 24 वर्षीय जवान प्रदीप कुमार द्वारा कुछ जानकारियां सोशल मीडिया के जरिए पाक की खुफिया एजेंसियों को दी जा रही है। यह जानकारियां एक महिला के साथ साझा की जा रही थी जोकि पाक एजेंट के रूप में छद्म रूप से सैनिक के साथ जुड़ी थी। अधिक पड़ताल करने पर प्रदीप कुमार के पीआईओ के निरंतर संपर्क में होने की भी पुष्टि हुई।

सीआईडी इन्टैलीजेंस जयपुर द्वारा उक्त सैन्यकर्मी की गतिविधियों पर लगातार सतत निगरानी आरम्भ की गई। निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि प्रदीप कुमार महिला एजेंट से सोशल मिडिया के माध्यम से निरन्तर सम्पर्क में है एवं सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा कर रहा है।उक्त सैन्यकर्मी पर कार्यवाही करते हुए 18 मई को बाद दोपहर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई । संयुक्त पूछताछ केन्द्र जयपुर पर सभी एजेन्सियों द्वारा पूछताछ करने के बाद आरोपी सैन्यकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

महानिदेशक पुलिस इन्टैलीजेन्स के अनुसार आरोपी 24 वर्षीय प्रदीप मूलतः कृष्णानगर गली नम्बर 10 पुलिस थाना - गंगनहर , जनपद , रूडकी , उतराखण्ड का रहने वाला है तथा 3 वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुआ था । ट्रेनिंग के पश्चात आरोपी का पदस्थापन गनर के पद पर हुआ था , जिसके बाद वह जोधपुर में तैनात हुआ था।प्रदीप कुमार सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला के संपर्क में था। दोनों वाट्सएप पर चैट , वॉइस कॉल एवं वीडियो कॉल द्वारा आपस में बाते करने लगे। छदम नाम की महिला ने अपने आप को ग्वालियर मध्यप्रदेश की रहने वाली एवं स्वयं को बंग्लौर में एमएनएस में पदस्थापित होना बताया। उक्त महिला एजेंट द्वारा आरोपी से दिल्ली आकर मिलने व शादी करने का झासा देकर आर्मी से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेजो के फोटोग्राफ्स मांगना शुरू किया , जिस पर आरोपी द्वारा हनीट्रैप में फंसकर अपने कार्यालय से सेना से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेजात मांगे गए। हनी ट्रेप के शिकार हो चुके फौजी गनर ने कई फोटो व दस्तावेज के फोटो चोरी छिपे अपने मोबाईल से खींचकर जरिये वाटस्एप महिला एजेट को भेजे। आरोपी के फोन की वास्तविक जांच में उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि होने पर आरोपी के विरूद्ध शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज किया जाकर गिरफ्तार किया गया है।

सिम के ओटीपी भी किये शेयर

आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया है कि उक्त महिला मित्र के चाहने पर अपनी स्वयं द्वारा उपयोग में ली जा रही एक सिम के मोबाइल नम्बर और वाटस्एप हेतु ओटीपी भी शेयर किये गये, ताकि उक्त भारतीय नम्बर में पाक महिला एजेन्ट अन्य छदम नाम से उपयोग कर अन्य लोगों तथा आर्मी के जवानों को अपना शिकार बना सकें और उसे सैन्य कर्मी द्वारा दी गई सिम को ऑपरेट करने में सुविधा हो सके।

Posted By: Navodit Saktawat

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