गणतंत्र दिवस हिंसा (Republic Day Violence) के मामले में दिल्ली पुलिस ने पंजाबी अभिनेता और एक्टिविस्ट दीप सिद्धू (Deep Sidhu) को फिर से गिरफ्तार कर लिया। इस बार उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की तरफ से दर्ज एक FIR के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया।

किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को, प्रदर्शनकारियों को उकसाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू को गिरफ्तार किया था। 9 फरवरी को गिरफ्तार के बाद उसे 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। शुक्रवार को अदालत ने उसे 30 हजार से निजी मुचलके और इसी राशि की दो श्योरिटी पर जमानत दे दी। अदालत का मानना था कि आरोपी सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा, क्योंकि ये ज्यादातर वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई हैं।

लेकिन जमानत के कुछ ही घंटों के भीतर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लाल किला हिंसा के ही एक दूसरे मामले में दीप सिद्धू को फिर से गिरफ्तार कर लिया। दरअसल लाल किले की देखभाल का जिम्मा ASI का है, और ASI ने दीप सिद्धू के खिलाफ एक अलग शिकायत दर्ज कराई थी कि कैसे उसके उकसाने पर भीड़ ने दीवारें तोड़ीं, और किले परिसर के कार्यालय में तोड़फोड़ की। उधर, दीप सिद्धू के वकील ने हिंसा में उनके किसी भी प्रकार से शामिल होने से इनकार किया है और कहा कि हिंसा के दौरान दीप सिद्धू वहां मौजूद ही नहीं थे।

क्या था मामला?

दरअसल कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकाली। रैली उस वक्त हिंसक हो गई, जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह पहले से निर्धारित रास्तों से भटक गया और दिल्ली में घुस गया। पहले उन्होंने दिल्ली के आईटीओ में पुलिस के साथ जमकर बवाल काटा और फिर आगे बढ़ते हुए लाल किले में तोड़-फोड़ की और उस पर धार्मिक झंडा फहरा दिया।

Posted By: Shailendra Kumar