लखनऊ। कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। उन्हें पता चला है कि हत्यारों ने अशफाक और मोइनुद्दीन के नाम से होटल में कमरा बुक किया था। पुलिस ने बताया कि दोनों अपने असली नाम से वहां ठहरे थे। होटल के कमरे से तौलिया मिला है, जिसमें खून के निशान मिले हैं। फॉरेंसिक विभाग से इन कपड़ों में मिले खून के धब्बों का मिलान कमलेश तिवारी के खून के करवाया जाएगा। इसके अलावा कमरे से भगवा रंग के कपड़े भी मिले हैं।

पुलिस ने बताया कि लालबाग खालसा होटल में दो संदिग्ध व्यक्ति ठहरे हुए थे। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली फील्ड यूनिट के साथ पुलिस की टीम वहां पहुंच गई। कमरे की जांच करने पर एक लावारिस बैग के साथ कपड़े भी बरामद किए गए हैं। होटल के रजिस्टर में दर्ज नामों के मुताबिक शेख असफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद के नाम से कमरे बुक किए गए थे।

इस पूरे मामले में एक बात तो साफ समझ में आ रही है कि हत्यारे पेशेवर अपराधी नहीं थे, उन्होंने अपने पीछे कई सुराग छोड़े हैं। शुक्रवार को कमलेश तिवारी की हत्या करने से पहले और हत्या करने के बाद वे होटल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी नजर आए और इसके बाद वहां से आसानी से फरार हो गए। मगर, पुलिस अभी भी उन हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है।

मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की 10 टीमें काम कर रही हैं। लखनऊ के एसपी क्राइम गुजरात में भेजी गई टीम को लीड कर रहे हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai