लखनऊ। कमलेश तिवारी की हत्या ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को मुश्किल में डाल दिया है। तिवारी की हत्या ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब लखनऊ सहित 11 विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव चल रहा है और इसके साथ ही प्रदेश धनतेरस, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों की अगवानी के लिए तैयार बैठा है। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने में भी कुछ ही वक्त बाकी है। आक्रामक बयानों के चलते लखनऊ के रहने वाले कमलेश तिवारी की अलग पहचान बन गई थी। सपा के एक प्रभावशाली नेता ने जब आरएसएस पर विवादित टिप्पणी की तो नवंबर 2015 में जवाब में उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके विरोध में देश भर में एक वर्ग विशेष ने आवाज उठाई थी। उस समय तिवारी को न केवल जेल भेजा गया था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में भी वह निरुद्ध किए गए थे।

भाजपा सरकार बनने के डेढ़ महीने बाद ही कमलेश ने राम मंदिर निर्माण के लिए संकल्प मार्च निकालने का एलान किया तो उनको फिर से समर्थकों समेत गिरफ्तार किया गया था। वह सरकारों के लिए हमेशा से चुनौती बने रहे। तत्कालीन हिदू महासभा के नेता के रूप में कमलेश तिवारी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने हिदू समाज पार्टी नाम से राजनीतिक संगठन बना लिया। उनके समर्थन में कुछ हिदू संगठन भी आगे आये। जब उनके ऊपर रासुका लगाई गई तो बिजनौर के उलमा ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने का फतवा जारी कर दिया। इसके बाद उनके संगठन ने विरोध- प्रदर्शन किया था। उनके समर्थकों ने रासुका हटाये जाने की मांग भी की थे। उस समय तिवारी को उन्नाव जेल भेजा गया था। बाद में उनको स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन रासुका होने की वजह से रिहा नहीं हो पा रहे थे। गिरफ्तारी के करीब एक साल बाद अक्टूबर 2016 में कमलेश तिवारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राहत दी और रासुका से मुक्त कर दिया था।

कमलेश तिवारी उस वक्त भी चर्चा में आए, जब 2014 में उन्होंने अपने पैतृक गांव (सीतापुर स्थित पारा गांव) में नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने का एलान किया। कमलेश तिवारी ने दिसंबर 2014 में पारा गांव में गोडसे का मंदिर बनाने का एलान किया था। उन्होंने दावा किया था कि 30 जनवरी 2015 को पारा गांव में मंदिर की नींव रखेंगे। तब उनका गांव छावनी में तब्दील हो गया था। उसके बाद कमलेश सीतापुर नहीं पहुंचे थे।

Posted By: Yogendra Sharma