मेरठ। श्रावण मास की शुरुआत होते ही कांवड़ियों का जत्था निकलना शुरू हो जाता है। कांवड़ियों की यात्रा के दौरान उन्हें जरुरी बातों की जानकारी देने और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के इरादे से कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट ऐप तैयार किया गया है। मेरठ कमिश्नर द्वारा इस बात की जानकारी दी गई है।

मेरठ कमिश्नर अनीता मेश्राम ने बताया 'यह ऐप यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को नजदीकी कैंप्स, पानी और टॉयलेट सुविधाओं की जानकारी देगा। इसके साथ आसपास के हॉस्पिटल और पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी भी इस ऐप के जरिये मिल सकेगी। यह ऐप एंड्राइड पर उपलब्ध है।'

बता दें कि इस बार हरिद्वार में ही तीन करोड़ कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी ना उठाना पड़े इसके लिए ये पहल की गई है।

क्‍यों की जाती हैं कांवड़ यात्रा

ऐसा माना जाता है कि यह यात्रा भगवान शिव को प्रसन्‍न करने का सबसे सरल तरीका है। कांवड़ से ज्योतिर्लिंगों पर गंगाजल चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्‍न होकर आपकी हर मनोकामना को पूरा कर देते हैं।

इसके पीछे की कथा इस प्रकार है कि जब समुद्र मंथन के बाद 14 रत्‍नों में विष भी निकला, तो भगवान शिव ने उस विष को पीकर सृष्टि की रक्षा की। विष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव ने दरांती चांद को अपने शीर्ष पर धारण कर लिया।

उसी समय से ये मान्‍यता है कि अगर गंगाजल को शिवलिंग पर चढ़ाने से विष का प्रभाव कम होता है जिससे भगवान शिव प्रसन्‍न होते हैं।

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Posted By: Neeraj Vyas