नई दिल्ली। कर्नाटक में बागियों के इस्तीफे से मचा सियासी घमासान चार दिन और जारी रहेगा। उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को इसका पटाक्षेप कर देगा, लेकिन स्पीकर व कर्नाटक के सीएम की ओर से कुछ नए मुद्दे उठाए गए। जबकि बागियों के वकील ने कोर्ट के आदेश के बाद भी इस्तीफे पर स्पीकर द्वारा कोई फैसला नहीं करने को कोर्ट की अवमानना बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की। जिरह के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 16 जुलाई तक यथास्थिति कायम रखने का आदेश देते हुए 'भारी-भरकम' मुद्दों पर उस दिन विस्तार से सुनवाई का फैसला किया।

कर्नाटक में कांग्रेस के 13 व जेडीएस के 3 विधायक इस्तीफे दे चुके हैं। इससे एचडी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार गिरने की कगार पर पहुंच गई है। दो निर्दलीयों ने भी समर्थन वापस ले लिया है।

सुप्रीम कोर्ट की अहम बातें

1. स्पीकर आर. रमेश कुमार व कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत बागियों की याचिका स्वीकार करने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

2. स्पीकर ने बागियों के इस्तीफे मंजूर करने से पहले उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की है, इस पर वकील मुकुल रोहतगी को एतराज है।

3. इन सभी पहलुओं व अधूरे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मामले में और सुनवाई की जरूरत है।

स्पीकर को अवमानना का नोटिस दें : रोहतगी बागियों के वकील रोहतगी ने कहा कि स्पीकर ने उनके सुप्रीम कोर्ट जाने पर सवाल उठाए हैं और उन्हें मीडिया के सामने नर्क में जाने की बात कही है। उन्हें इस्तीफों पर विचार के लिए एक-दो दिन का वक्त दे सकते हैं पर यदि वह फैसला ना करें तो उन्हें अवमानना का नोटिस दिया जाए। क्या स्पीकर हमारे आदेश को चुनौती दे सकते हैं? सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि क्या स्पीकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती दे सकते हैं?

इस पर स्पीकर के वकील एएम सिंघवी ने कहा कि उनका पद संवैधानिक है और बागियों की अयोग्यता के मुद्दे पर फैसले पर वह फैसले के लिए बाध्य हैं। स्पीकर काफी वरिष्ठ सदस्य होते हैं और उन्हें संवैधानिक कानून की जानकारी होती है।

स्पीकर को नोटिस दिए बगैर एकतरफा आदेश दिया : धवन मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के वकील राजीव धवन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को नोटिस दिए बगैर एकतरफा आदेश दे दिया। इस्तीफों पर स्पीकर का संतुष्ट होना और यह देखना कि वे स्वेच्छा से दिए गए हैं, जरूरी है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बागियों की याचिका पर गुरुवार को आदेश दिया था कि 10 बागी विधायक शाम 6 बजे तक बेंगलुरु जाकर स्पीकर के समक्ष हाजिर हों और स्पीकर उनके इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेकर कोर्ट को सूचित करें।