डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिखों के लिए विशेष धार्मिक महत्व वाले करतापुर कॉरिडोर तथा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का शनिवार को उद्घाटन किया। साथ ही 500 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को झंडी दिखा कर तीर्थयात्रा पर रवाना किया। इस मौके पर मोदी ने भारत की भावना को समझने तथा उसका सम्मान करने और तय समय-सीमा में पाकिस्तान में कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने केलिए वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान को भी धन्यवाद दिया। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व वाले पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तथा नवजोत सिद्धू भी शामिल हैं।

कॉरिडोर का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि गुरुद्वारा दरबार साहिब की यात्रा अब आसान होगी। उन्होंने कहा- 'मैं इस कॉरिडोर के निर्माण से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं।" यह कॉरिडोर भारत में स्थित डेरा बाबा नानक तीर्थस्थल को पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ने इसी जगह अपने जीवन के आखिरी 18 साल गुजारे थे।

उल्लेखनीय है कि 12 नवंबर गुरु नानक का 550वां प्रकाश पर्व है। इस लिहाज से सिखों के लिए यह एक बड़ा उपहार है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भगवा पगड़ी पहने मोदी ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में कहा कि कॉरिडोर तथा इंटेग्रेटेड चेक पोस्ट रोजाना हजारों श्रद्धालुओं को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि गरु नानक के उपदेशों का विभिन्न् भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है ताकि अगली पीढ़ी भी उनसे समृद्ध हो सके। हमें गुरु नानक के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

मोदी ने कहा कि गुरु नानक से लेकर गुरु गोबिंद सिंह तक सभी सिख गुरुओं ने भारत की एकता, रक्षा और सुरक्षा के लिए प्रयास किए। सिखों ने यही परंपरा स्वतंत्रता संग्राम तथा उसके बाद देश की रक्षा में आगे बढ़ाई है। उन्होंने गुरु नानक के संदेशों के प्रसार में मदद के लिए यूनेस्को के प्रति भी आभार जताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में रहने वाले सिख परिवार भी देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे सिखों की तरह करतारपुर जा सकेंगे। उन्होंने इस मौके पर विशेष सिक्का और डाक टिकट भी जारी किए।

Posted By: Navodit Saktawat