श्रीनगर। कश्मीर में तेजी से सामान्य होते हालात के बीच नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को बुधवार को विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। हालांकि पिछले 15 दिन में ऐसा दो बार हो चुका है। दरअसल, घाटी में लगातार बदल रही सियासत के बीच केंद्र सरकार ने स्थानीय राजनीतिक दलों के साथ संवाद शुरू कर दिया है। यह इसी रणनीति का हिस्सा है।

अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री उमर और महबूबा को मंगलवार (20 अगस्त) की शाम श्रीनगर एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ले जाया गया। वहां से कार्गो के रास्ते रनवे के एक कोने में खड़े छह सीटर विशेष विमान से दिल्ली ले जाया गया। दोनों नेता बुधवार दोपहर बाद दिल्ली से लौटे हैं।

सूत्रों ने यह भी बताया कि इससे पहले दोनों नेताओं को 9 अगस्त की शाम को भी विशेष विमान से दिल्ली ले जाया गया था। ईद से दो दिन पहले 10 अगस्त की शाम को उन्हें वापस लाया गया।

गए तब बात कर रहे थे, लौटे तो चुप-चुप रहे

पूरे घटनाक्रम की रोचक बात यह रही कि श्रीनगर से रवानगी के समय दोनों नेता आपस में बातचीत कर रहे थे, लेकिन वापसी के समय उनमें किसी तरह का संवाद नहीं हुआ। इन्हें दिल्ली में कहां ले जाया गया और उनकी किस स्तर पर बात हुई है, इस पर कोई जानकारी नहीं मिली है।

जल्द चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को पुनर्गठित करने के फैसले के मद्देनजर वादी में उपजी कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत अन्य नेताओं को एहितयातन हिरासत में ले रखा है। केंद्र वादी में हालात को पूरी तरह सामान्य बनाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पूरी तरह बहाली के लिए जल्द चुनाव कराना चाहता है। इसलिए प्रशासन चाहता है नेकां और पीडीपी को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जल्द तैयार किया जाए।