श्रीनगर। सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनको खोजो और मारो अभियान छेड़ा है। आतंकी सीमापार से महत्वपूर्ण सैन्य और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों और बीडीसी चुनाव में खलल डालने के लिए घुसे हैं। इस अभियान के तहत सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त कार्यदल आतंकियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलवामा के अवंतीपोरा में पिछले मंगलवार को लश्कर के दो आतंकी भी इसी अभियान के तहत मारे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित राज्यों में विभाजित किए जाने से हताश आतंकी संगठन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआइई ने कश्मीर में अफरा-तफरी फैलाने की एक नयी साजिश का खाका तैयार किया है। इस साजिश के तहत लश्कर, हिज्ब और जैश के आतंकियों को अलग-अलग जगहों पर विध्वंसकारी गतिविधियों को अंजाम देने का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा महत्वपूर्ण सैन्य और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने और सनसनीखेज हमलों को अंजाम देने लिए आत्मघाती आतंकियों का भी एक दस्ता भी एलओसी पार कर घाटी में दाखिल हो चुका है। राज्य पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिह ने भी गत दिनों इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि कुछ आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब रहे हैं और पिछले दिनों आतंकियों से जो मुठभेड़ हुई हैं, वह इस तथ्य की पुष्टि करती हैं।

आतंकियों के दो दस्ते कर चुके घुसपैठ

सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आत्मघाती आतंकियों के दो अलग-अलग दस्ते वादी के भीतरी इलाकों में दाखिल हुए हैं। इनमें से एक दस्ता गुरेज सेक्टर के रास्ते आया है, जो इस समय कंगन-श्रीनगर-त्राल रेंज में कहीं छिपकर बैठा है। इसके अलावा एक अन्य दस्ता कथित तौर पर गुलमर्ग सब सेक्टर के रास्ते बड़गाम और पुलवामा से होते हुए त्राल या फिर शोपियां में कहीं पर छिपा हुआ है।

आतंकियों के खिलाफ बनाई रणनीति

सूत्रों ने बताया कि आतंकियों द्वारा रची जा रही साजिश के अलर्ट के आधार पर बदलते राजनीतिक व सुरक्षा परिदृश्य में आतंकियों के खिलाफ नए सिरे से अभियान चलाने की रणनीति का खाका तैयार किया गया है। चार दिन पहले हुई इस बैठक में वादी में आतंकियों के प्रभाव वाले इलाकों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर उनमें सुनियोजित तरीके से खोजो और मारो अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।

Posted By: Yogendra Sharma