आनंद शंकर

बीच से बहती पार्वती नदी और आसपास चारों ओर खड़े पहाड़। यह दृश्य जो भी आंखों में बसा लेता है वह उन्हें लंबे समय नहीं भूल पाता है। यही वजह है कि पार्वती घाटी में कसोल पर्यटकों की प्रिय जगह है। शांत जगह की तलाश में पर्यटक यहां पहुंचते हैं और यहीं के होकर रह जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में कसोल एक बेहद शांत और मनोरम जगह है। भुंतर से मणिकर्ण के बीच यह जगह सभी को लुभाती है। जो लोग न्यूनतम साधनों के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं यानी बेकपैकर होते हैं उन्हें यह जगह बहुत भाती है।

मलाना और खीरगंगा जैसे ट्रेक के लिए यह जगह बेस कैंप बन जाती है। कसोल में इजराइल से बहुत सारे पर्यटक आते हैं और समय बिताना पसंद करते हैं इसलिए इसजगह को 'मिनी इजराइल' भी कहा जाता है। बताया जाता है कि इजराइल में स्त्री और पुरुषों को आर्मी में अनिवार्य रूप से सेवाएं देना पड़ती है और जब वे अपनी सेवाएं पूरी कर लेते हैं तो फिर दुनिया घूमने निकलते हैं। वे रोमांचित करने वाली जगहों पर जाते हैं और उन्हीं जगहों में कसोल भी शामिल है।

कसोल में मौसम पूरे वर्ष ही बेहतरीन बना रहता है और इसलिए यहां कभी भी रुख किया जा सकता है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से फरवरी तक यहां बर्फबारी भी देखने को लिमती है। अप्रैल से जून तक यहां कई पर्यटक आते हैं क्योंकि तब झुलसाती गर्मी से यह जगह बचाव देती है। इस जगह को उसका मौसम और यहां की इजराइल श्रेणी की बसाहटें बेहद खास बनाती हैं। यह छोटी-सी जगह भी पुराने (पश्चिमी) और नए (पूर्वी) हिस्सों में बंटी है और इन्हें इस तरह बांटने का काम करता है सेंट्रल ब्रिज।

यहां कई तरह के गेस्ट हाउस, चिलम की दुकानें और आभूषणों के स्टोर पर्यटकों की नजरों को अपनी तरफ मोड़ लेते हैं। कहते हैं कि गर्मियों में गोआ की पार्टियों का नया पता कसोल ही होता है। कसोल को लेकर इतनी चर्चा 2008-09 में नहीं रहती थी लेकिन 2012 के बाद सेइस जगह को लेकर लोगों के बीच बातचीत काफी होने लगी और फिर यहां आने वाले पर्यटक भी बढ़ने लगे। 2012 के बाद ही भारतीय पर्यटकों की रुचि इस जगह में बढ़ने लगी। कसोल बहुत बड़ी जगह नहीं है और इसलिए पैदल ही यहां घूमने का लुत्फ ज्यादा आता है।

Posted By: Arvind Dubey