Kisan Sarkar Varta LIVE Updates: दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्र सरकार के साथ किसान नेताओं की आज की वार्ता खत्‍म हो चुकी है। अगली बैठक फिर शनिवार को होगी। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य को नहीं छेड़ा जाएगा। इसमें किसी प्रकार कोई बदलाव नहीं किया गया है और ना ही किया जाएगा। विज्ञान भवन में करीब 40 किसान संगठनों के नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के बीच मीटिंग चली। किसान नेताओं ने सरकार को सुझाव दिया कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए और नए कृषि कानूनों को समाप्त किया जाए। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए गुरुवार का दिन बहुत अहम होने जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के आठवें दिन एक बार फिर किसान संगठनों और सरकार के बीच वार्ता हो रही है। वार्ता सफल रहती है तो यह धरना प्रदर्शन खत्म हो जाए और बात नहीं बनी तो हंगामा बढ़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी परेशानी दिल्लीवालों को उठाना पड़ रही है, जहां गुरुवार को भी कई मार्ग बंद हैं। इस बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने विरोध स्वरूप पद्म विभूषण लौटा दिया है। कृषि कानूनों के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है। बता दें, इसी मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल ने राजग से भी नाता तोड़ लिया है।

शाह से मिले अमरिंदर

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद किसान संगठन केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिल रहे हैं। पिछली मुलाकात में सरकार ने किसानों से कहा था कि वे बिल को लेकर अपनी आपत्तियां बिंदूवार बता दें, सबका समाधान किया जाएगा।

शाह से मुलाकात के बाद यह बोले अमरिंदर: अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, मैंने अपने राज्य के विकास कार्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। साथ ही अपील की है कि मौजूदा किसान आंदोलन को दोनों पक्ष मिलकर समाप्त करवाएं।

मध्य प्रदेश के किसान भी पहुंचे

पलवल स्थित उप्र-हरियाणा के बार्डर (करमन) पर लगा जाम‌। मध्य प्रदेश के ग्वालियर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए करीब दो हजार किसान दिल्ली कूच की जिद के साथ बार्डर के समीप खड़े हैं। किसान 200-250 लोगों के जत्थे के साथ आए हैं। होडल के डीएसपी बलबीर सिंह पुलिस बल के साथ बार्डर पर मौजूद।

संकट हल नहीं हुआ तो गिर सकती है हरियाणा की खट्टर सरकार

किसानों का विरोध प्रदर्शन दिल्ली में चल रहा है, वार्ता भी यही होगी, लेकिन सबसे बड़ी सियासी चलचल हरियाणा में चल रही है। हरियाणा में भाजपा की सहयोगी JJP ने किसान आंदोलन पर कहा है कि हरियाणा सरकार में दुष्यंत चौटाला के उपमुख्यमंत्री रहते हुए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। अगर, किसानों को एमएसपी पर नुकसान हुआ तो फिर दुष्यंत चौटाला पद से इस्तीफा दे देंगे। यदि ऐसा होता है तो खट्टर सरकार अल्पमत में आ जाएगी।

दो गुट में बटा किसानों का दल, बढ़ा विरोध

साहिबाबाद में यूपी गेट पर आंदोलन कर रहे किसान दो गुट में बैठ गए हैं। एक तो भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत के निर्देशन में सैकड़ों किसान आंदोलन कर रहे हैं। वहीं यूपी गेट पर सिख समुदाय के किसान भी अलग गुट बना कर प्रदर्शन करने लगे हैं। सिख समुदाय के लोगों ने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाली लेन को बंद किया है। किसानों के बीच अब आपस में ही राजनीति शुरू हो गई है। यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे दिल्ली पुलिस की ओर से की गई बैरिकेड पर भारतीय किसान यूनियन बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कब्जा कर रखा है। सुबह से दरी बिछा कर बैठे सिख समुदाय के किसान उग्र होकर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर पहुंचे और रोड जाम कर दिया। एक्सप्रेस वे पर दिल्ली जाने वाली लें पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। सैकड़ों राहगीर जाम में फंसे हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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