मल्टीमीडिया डेस्क। पाकिस्तान ने अस्तित्व में आने के साथ ही अपने नापाक इरादों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया था। कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की हरसंभव कोशिश उसने की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने जम्मू और कश्मीर रियासत पर हमला कर दिया और इस प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रियासत में जमकर कत्लेआम मचाया। कश्मीर में लंबे समय तक उहापोह की स्थिति बनी रही जब कश्मीर के महाराज हरीसिंह ने विलय के कागजों पर दस्तखत किए तब तक पाकिस्तान कश्मीर के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा चुका था। आज भी पाकिस्तान के कब्जे में कश्मीर का काफी हिस्सा है। आइए एक नजर डालते हैं पाक अधिकृत कश्मीर पर।

मीरपुर है बड़ा शहर

पाक अधिकृत कश्मीर में जम्मू-कश्मीर राज्य के 6 में से 3 क्षेत्र आते हैं। पोठोहार क्षेत्र को आजाद कश्मीर का नाम देकर मुजफ्फराबाद को उसकी राजधानी बनाया गया है। इसमें मीरपुर पूरा जिला और पूंछ शहर को छोड़कर पूंछ की पूरी जागीर शामिल है। मीरपुर पाकिस्तान के लिए खास मायने रखता है। यहां झेलम नदी पर मंगला बांध बना हुआ है। इस बांध से पाकिस्तान को सिंचाई के लिए पानी और बिजली मिलती है। यह रावलपिंडी से 50 मील की दूरी पर है।

गिलगित से लगती है चीन और अफगानिस्तान की सीमा

पाक अधिकृत कश्मीर का दूसरा अहम हिस्सा गिलगित है। इसका नाम गिलगित नदी के नाम पर रखा गया। पाक अधिकृत कश्मीर का यह हिस्सा चीन और अफगानिस्तान से लगता है। पाक के द्वारा कब्जा कर लिए जाने के बाद भारत का अफगानिस्तान से जमीनी संपर्क पूरी तरह से समाप्त हो गया। इसकी सीमा चीन के सिक्यांग प्रांत से मिलती है और यहीं से यारकंद शहर को रास्ता जाता है।

लद्दाख का हिस्सा रहा है ब्लूचिस्तान

गिलगित के पूर्व में ब्लूचिस्तान इस हिस्से को लद्दाख के साथ जनरल जोरावर सिंह ने विलय कर 1835 के करीब महाराजा गुलाब सिंह के राज में मिलाया था। रियासतकाल में ब्लूचिस्तान लद्दाख प्रांत का एक हिस्सा था। इस प्रांत का एक प्रमुख शहर आसकारदू है। ब्लूचिस्तान के 14 हजार वर्ग किलोमीटर में से 11 हजार पर पाकिस्तान का कब्जा है। पाकिस्तान ने 1963 में ब्लूचिस्तान और गिलगित के कुछ हिस्से चीन को तोहफे में दे दिए।

योगेंद्र शर्मा

Posted By: Yogendra Sharma

fantasy cricket
fantasy cricket