Maha Shivaratri 2020: आस्था की धुन ही ऐसी जो हर किसी को अपने रंग में रंग लेती है। पटियाला में शिवरात्रि के पावन अवसर पर यह असीम प्रेम देखने को मिला। शहर में निकाली गई विशाल शोभायात्रा में हर किसी की नजर शिवलिंग पर आ टिकी थीं। हीरों से जडि़त शिवलिंग सोने के रथ पर आ रहा था। शिव के इस रूप को देखने के लिए शहरवासी सुबह 12 बजे से ही सड़कों पर उमड़ आए थे और दर्शन का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। दो साल से ही शिवलिंग पटियाला में है। आम दिनों में इस बहुमूल्य शिवलिंग व सोने के रथ को कड़ी सुरक्षा में नहीं रखा जाता। मंदिर श्री काली माता के पास बने अखिल भारतीय हिंंदू सुरक्षा समिति के मुख्यालय में सुरक्षा के लिए इन पर कैमरे नजर रखी जाती है।

10 हजार छोटे हीरे

पवित्र शिवलिंग को 10 हजार छोटे हीरों से सजाया गया है। शृंगार के लिए आसपास पचास बड़े हीरे हैं। जगद्गुरू पंचानंद गिरि के अनुसार, भव्य शिवलिंग को गुजरात के हीरा व्यापारियों ने तैयार करवाया। उन्होंने इसे गुप्त दान दिया। जब यह स्वरूप तैयार करने लगे तो सैकड़ों हीरा व्यापारी आगे आ गए। उन्होंने अलग से सोने की परत चढ़ी पालकी भी तैयार करवाई। हीरे किस औंस के हैं और इसकी कीमत कितनी है, यह कभी आंका नहीं गया।

भक्‍तों की कतार लगी दर्शन को

महाशिवरात्रि पर लोगों ने भक्ति के साथ अपनी आस्था व्यक्त करते हुए भोले के दरबार में पूजन-अर्चन किया। शिवालयों में सुबह से देर रात तक शिवशंकर का अभिषेक करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। घंटों और ढोल की थाप के बीच शिवालय बम-बम भोले और हर-हर महादेव से गूंजते रहे।

भक्तों ने जहां भगवान को बेल पत्र, शमी पत्र, भांग और धतूरा का अर्पण मुकुट पहनाकर श्रृंगार किया, वहीं पंचामृत से अभिषेक किया। रात में अनेक स्थानों पर शिव बरात निकाली गई। जिसमें भोलेनाथ के दूल्हा बनने की जीवंत झांकी शामिल की गई। बरात में भक्त बराती बनकर शामिल हुए।

Posted By: Navodit Saktawat

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